हिन्दी में फेल हो गए यूपी के लाल, प्रदेश सरकार के लिए बड़ा सवाल

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हिन्दी में फेल हो गए यूपी के लाल, प्रदेश सरकार के लिए बड़ा सवाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दसवीं और बारवीं के नतीजों में एक बात सबसे चौंकाने वाली सामने आई है। नतीजों की पड़ताल में पता चला है कि हिन्दी भाषी प्रदेश में छात्रों की सबसे ज्यादा हालात इसी भाषा में खराब है। यूपी बोर्ड की दसवीं और बारवीं की परीक्षा में इस बार हिन्दी में दस लाख छात्र फेल हुए हैं। बता दें कि यूपी बोर्ड परीक्षा के नतीजे 26 अप्रैल को जारी किए गए थे।

Up Board Result 2019 10 Lakh Students Fail Exam :

ये हैं आंकड़े

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में हिन्दी के 29,50, 442 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 80.54 फीसदी यानी 23,76,335 लाख छात्र ही पास हो सके। दसवीं के 5,74,107 छात्र फेल हो गए। वहीं बारवीं की परीक्षा में 8,21,077 छात्रों ने भाग लिया, जिसमें 6,27630 लाख छात्र पास हुए। हिन्दी में पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 76.44 प्रतिशत रहा। यानी 12वीं में 1,93,447 छात्र फेल हो गए। 12वीं के सामान्य हिन्दी में 2,30,394 लाख छात्र फेल हुए हैं। 10वीं और 12वीं में हिन्दी में फेल होने वालों की संख्या 9,97,948 हो जाती है।

इन आकड़ों को देखने के बाद साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में हिन्दी भाषा की स्थिति कैसी है। प्रदेश में राजनेताओं से लेकर नौकरशाही भी हिन्दी भाषा को लेकर बड़े बड़े दावे करते हैं लेकिन युवाओं में हिन्दी को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वो चौंकाने वाले हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दसवीं और बारवीं के नतीजों में एक बात सबसे चौंकाने वाली सामने आई है। नतीजों की पड़ताल में पता चला है कि हिन्दी भाषी प्रदेश में छात्रों की सबसे ज्यादा हालात इसी भाषा में खराब है। यूपी बोर्ड की दसवीं और बारवीं की परीक्षा में इस बार हिन्दी में दस लाख छात्र फेल हुए हैं। बता दें कि यूपी बोर्ड परीक्षा के नतीजे 26 अप्रैल को जारी किए गए थे।

ये हैं आंकड़े

यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षा में हिन्दी के 29,50, 442 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था, जिसमें से 80.54 फीसदी यानी 23,76,335 लाख छात्र ही पास हो सके। दसवीं के 5,74,107 छात्र फेल हो गए। वहीं बारवीं की परीक्षा में 8,21,077 छात्रों ने भाग लिया, जिसमें 6,27630 लाख छात्र पास हुए। हिन्दी में पास होने वाले छात्रों का प्रतिशत 76.44 प्रतिशत रहा। यानी 12वीं में 1,93,447 छात्र फेल हो गए। 12वीं के सामान्य हिन्दी में 2,30,394 लाख छात्र फेल हुए हैं। 10वीं और 12वीं में हिन्दी में फेल होने वालों की संख्या 9,97,948 हो जाती है। इन आकड़ों को देखने के बाद साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रदेश में हिन्दी भाषा की स्थिति कैसी है। प्रदेश में राजनेताओं से लेकर नौकरशाही भी हिन्दी भाषा को लेकर बड़े बड़े दावे करते हैं लेकिन युवाओं में हिन्दी को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वो चौंकाने वाले हैं।