यूपी: बजट जारी होने के बावजूद विभाग खर्च नहीं कर पाये हजारों करोड़

यूपी बजट, योगी आदित्यनाथ
यूपी: बजट जारी होने के बावजूद विभाग खर्च नहीं कर पाये हजारों करोड़

Up Budget 2018

लखनऊ। योगी सरकार की सख्ती के बावजूद कई विभाग हजारों करोड़ रुपये का धन दबाये बैठे हैं। आंकड़ों की मानें तो कई विभाग बजट की स्वीकृत हजारों करोड़ की रकम वित्तीय वर्ष के अंत तक जारी नहीं कर पाये हैं जबकि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार स्वीकृतियों की समीक्षा कर चुके हैं। अब मार्च में आनन-फानन में स्वीकृतियां जारी करने से लेकर खर्च की खानापूर्ति की तैयारी शुरू हो गयी है।

आंकड़ों की मानें तो आवास विकास 1265.21 करोड़ रुपये में से अभी तक 602 करोड़ रुपये खर्च कर सका है। भारी एवम मध्यम उधम विभाग को विभिन्न कार्यों के लिए 3201 करोड़ रुपये का बजट मिला है लेकिन विभाग 1292.21 करोड़ रुपये ही खर्च कर पाया है। वहीं ऊर्जा विभाग को 20107 करोड़ रुपये जारी हुए लेकिन अभी तक 11382 करोड़ रुपये ही खर्च हो सके। कृषि विभाग को 40259 करोड़ रुपये जारी किए गए लेकिन यहां भी 23249.52 करोड़ रुपये खर्च हो पाये।

ये है अन्य विभागों का हाल-

विभाग                  बजट                    खर्च

ग्राम्य विकास            18992.57       11338.66

लघु सिंचाई                 466                182

चीनी उद्योग            1020.18          90.60

चिकित्सा शिक्षा एवम प्रशिक्षण  4323.89  2773.94

परिवार कल्याण                6486.77   3847.27

नगर विकास              10492.76    5649.23

पर्यटन विभाग              2477.63    314.07

 

विभाग                    बजट                    खर्च

बाल विकास एवम पुष्टाहार   5862.53   2533.96

पीडबल्यूडी विशेष क्षेत्र कार्यक्रम   500        42.09

अल्पसंख्यक कल्याण      2551.68          674.68

महिला कल्याण                2037.93    1285.30

प्राथमिक शिक्षा          54882.38       33837.15

माध्यमिक                    9530.18     7734.35

पिछड़ा वर्ग कल्याण           1654.03    250.45

समाज कल्याण(एससी)       7294.41   2597.39

लखनऊ। योगी सरकार की सख्ती के बावजूद कई विभाग हजारों करोड़ रुपये का धन दबाये बैठे हैं। आंकड़ों की मानें तो कई विभाग बजट की स्वीकृत हजारों करोड़ की रकम वित्तीय वर्ष के अंत तक जारी नहीं कर पाये हैं जबकि खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार स्वीकृतियों की समीक्षा कर चुके हैं। अब मार्च में आनन-फानन में स्वीकृतियां जारी करने से लेकर खर्च की खानापूर्ति की तैयारी शुरू हो गयी है। आंकड़ों की मानें तो आवास विकास 1265.21 करोड़…