UP कैबिनेट की बैठक संपन्न, संविदा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि समेत 10 प्रस्ताव पास

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UP कैबिनेट की बैठक संपन्न, संविदा शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि समेत 10 प्रस्ताव पास

लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को दस प्रस्ताव पर मुहर लगी। इसमें सोनभद्र के उम्भा गांव के पीडि़तों को सुविधा भी प्रदान करने का प्रस्ताव पास किया गया है। प्रदेश कैबिनेट के फैसलों की जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता तथा कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह व श्रीकांत शर्मा ने दी।

Up Cabinet Meeting Concludes 10 Proposals Passed Including Increase In Honorarium Of Contractual Teachers :

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट बैठक में 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सोनभद्र के उभभा गांव के 37 परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का लाभ मिलेगा। सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना से छूटे लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में लाभ देने का फैसला किया था। इसमें 1.68 लाख नए परिवार भी जोड़े जाएंगे। सीएम रक्षा कोष में संशोधनों को मंजूरी दे दी गई है। पहले 24000 रुपये तक लोगों को मदद दी जाती थी। अब ग्रामीण क्षेत्र में बीपीएल की सीमा 46000 रुपये तक और शहरी क्षेत्र में बीपीएल सीमा 56500 रुपये तक मदद दी जा सकेगी।

कैबिनेट ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों के संविदा शिक्षकों के मानदेय में डेढ़ गुना वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब आचार्य का मानदेय 90000 से बढ़ाकर 1.35 लाख, सह आचार्य का मानदेय 80000 से बढ़ाकर 1.20 लाख, सहायक आचार्य का मानदेय 70000 से बढ़ाकर 90000 व प्रवक्ता का मानदेय 50000 से बढ़ाकर ₹75000 कर दिया गया है।
इसके साथ ही कैबिनेट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन दिए जाने का निर्णय लिया गया। गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, बाराबंकी, शाहजहांपुर, हरदोई व शामली की इन कंपनियों ने 2862.70 करोड़ का निवेश किया है। इन कंपनियों के निवेश से 7592 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। लेटर आफ कंफर्ट जारी होने से इन कंपनियों को प्रोत्साहन मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

वहीं राज्य संपति विभाग को 16 पुराने चार पहिया वाहनों के स्थान पर नए वाहन खरीदने की अनुमति दी गई है। इनमें 15 फॉर्च्यूनर व एक इनोवा क्रिस्टा गाड़ी होगी। इन गाड़ियों की खरीद पर 4.75 खर्च होंगे। पुरानी गाड़ियों की नीलामी से सरकार को 77 लाख रुपए मिले थे। इसके साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण के लिए सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा कंसोर्सियम से 7000 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। चरणबद्ध तरीके से 3 वर्ष में यह लोन लिया जाएगा। सरकार इसके लिए शासकीय गारंटी देगी।

वहीं प्रदेश सरकार ने सूचना विभाग के नवनियुक्त सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी व रहीस सिंह के लिए वेतन व भत्तों में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सलाहकारों को 40000 रुपये के स्थान पर 100000 रुपये वेतन मिलेगा। आवास भत्ता 10000 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार कर दिया गया है। साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज आगरा में नवीन पुस्तकालय फोन बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इसके लिए पुराने भवनों को पुष्टिकरण के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। वहीं वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के विस्तारीकरण व सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने पर सहमति दे दी है। दिसंबर 2019 तक इससे संबंधित बिडिंग की कार्रवाई पूरी की जाएगी। जनवरी 2020 से इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।

इसके साथ ही कैबिनेट ने एनएचआई के दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे में अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने को मंजूरी दी। कैबिनेट ने तत्कालीन मंडलायुक्त प्रभात कुमार की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की मंजूरी दे दी है । इस मामले में दो तत्कालीन जिलाधिकारी विमल कुमार शर्मा व निधि केसरवानी सीधे जिम्मेदार माने जा रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जो अन्य अधिकारी इस प्रकरण में दोषी पाए गए हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

लखनऊ। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में कैबिनेट की बैठक संपन्न हुई। प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में मंगलवार को दस प्रस्ताव पर मुहर लगी। इसमें सोनभद्र के उम्भा गांव के पीडि़तों को सुविधा भी प्रदान करने का प्रस्ताव पास किया गया है। प्रदेश कैबिनेट के फैसलों की जानकारी उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता तथा कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह व श्रीकांत शर्मा ने दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में संपन्न कैबिनेट बैठक में 10 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सोनभद्र के उभभा गांव के 37 परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान का लाभ मिलेगा। सरकार ने प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना से छूटे लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में लाभ देने का फैसला किया था। इसमें 1.68 लाख नए परिवार भी जोड़े जाएंगे। सीएम रक्षा कोष में संशोधनों को मंजूरी दे दी गई है। पहले 24000 रुपये तक लोगों को मदद दी जाती थी। अब ग्रामीण क्षेत्र में बीपीएल की सीमा 46000 रुपये तक और शहरी क्षेत्र में बीपीएल सीमा 56500 रुपये तक मदद दी जा सकेगी। कैबिनेट ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों के संविदा शिक्षकों के मानदेय में डेढ़ गुना वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब आचार्य का मानदेय 90000 से बढ़ाकर 1.35 लाख, सह आचार्य का मानदेय 80000 से बढ़ाकर 1.20 लाख, सहायक आचार्य का मानदेय 70000 से बढ़ाकर 90000 व प्रवक्ता का मानदेय 50000 से बढ़ाकर ₹75000 कर दिया गया है। इसके साथ ही कैबिनेट में औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन दिए जाने का निर्णय लिया गया। गौतमबुद्धनगर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, बाराबंकी, शाहजहांपुर, हरदोई व शामली की इन कंपनियों ने 2862.70 करोड़ का निवेश किया है। इन कंपनियों के निवेश से 7592 रोजगार के अवसर सृजित होंगे। लेटर आफ कंफर्ट जारी होने से इन कंपनियों को प्रोत्साहन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। वहीं राज्य संपति विभाग को 16 पुराने चार पहिया वाहनों के स्थान पर नए वाहन खरीदने की अनुमति दी गई है। इनमें 15 फॉर्च्यूनर व एक इनोवा क्रिस्टा गाड़ी होगी। इन गाड़ियों की खरीद पर 4.75 खर्च होंगे। पुरानी गाड़ियों की नीलामी से सरकार को 77 लाख रुपए मिले थे। इसके साथ ही बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे परियोजना के निर्माण के लिए सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा कंसोर्सियम से 7000 करोड़ रुपये ऋण लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। चरणबद्ध तरीके से 3 वर्ष में यह लोन लिया जाएगा। सरकार इसके लिए शासकीय गारंटी देगी। वहीं प्रदेश सरकार ने सूचना विभाग के नवनियुक्त सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी व रहीस सिंह के लिए वेतन व भत्तों में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सलाहकारों को 40000 रुपये के स्थान पर 100000 रुपये वेतन मिलेगा। आवास भत्ता 10000 रुपये से बढ़ाकर 25 हजार कर दिया गया है। साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज आगरा में नवीन पुस्तकालय फोन बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इसके लिए पुराने भवनों को पुष्टिकरण के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। वहीं वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के विस्तारीकरण व सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने पर सहमति दे दी है। दिसंबर 2019 तक इससे संबंधित बिडिंग की कार्रवाई पूरी की जाएगी। जनवरी 2020 से इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही कैबिनेट ने एनएचआई के दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेस वे में अनियमितताओं की जांच सीबीआई से कराने को मंजूरी दी। कैबिनेट ने तत्कालीन मंडलायुक्त प्रभात कुमार की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की मंजूरी दे दी है । इस मामले में दो तत्कालीन जिलाधिकारी विमल कुमार शर्मा व निधि केसरवानी सीधे जिम्मेदार माने जा रहे हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जो अन्य अधिकारी इस प्रकरण में दोषी पाए गए हैं उनके खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।