योगी सरकार का अभिभावकों को तोहफा, प्राइवेट स्कूल अब नहीं वसूल सकेंगे मनमानी फीस

योगी सरकार, प्राइवेट स्कूल
योगी सरकार का अभिववकों को तोहफा, प्राइवेट स्कूल अब नहीं वसूल सकेंगे मनमानी फीस

नई दिल्ली। मनमानी फीस वसूलने वाले प्राइवेट स्कूलों पर अंकुश लगाने के लिए 3 अप्रैल को कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। इस बैठक में हुए फैसले के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिल सकेगी। अब स्कू‍ल 7 से 8 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यूपी स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क का विनियमन) विधेयक, 2018 के प्रारूप पर चर्चा की गयी।

जारी किए गए विधेयक के दायरे में वे निजी स्कूल आएंगे, जिनका वार्षिक शुल्क 20 हजार रुपये से अधिक है। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने पर स्कूल प्रबंधन पर कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी। कैबिनेट की बैठक में निजी स्कूलों में मनमानी फीस पर नियमावली का प्रस्ताव पेश किया गया, जिसे पारित भी कर दिया गया है। जिसके तहत निजी स्कूल नवीनतम उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में पिछले सत्र के शुल्क का पांच प्रतिशत जोड़ते हुए हर साल इतनी ही फीस बढ़ा सकेंगे। शर्त यह होगी कि इस तरह से निर्धारित किया गया शुल्क स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों की मासिक प्रति व्यक्ति आय में हुई वृद्धि के औसत से अधिक नहीं होगा

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फैसले के अनुसार तय से अधिक फीस वसूलने पर स्कूल प्रबंधन पर पहली बार एक लाख रुपये और दूसरी बार पांच लाख रुपये आर्थिक दंड लगाया जाएगा। अगर तीसरी बार ऐसा होता है तो स्कूल की मान्यता रद कर दी जाएगी। इसके तहत यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आइसीएसई व अन्य बोर्ड से मान्यताप्राप्त/संबद्ध स्कूल सहित वे विद्यालय भी आएंगे जिन्हें ‘अल्पसंख्यक’ दर्जा हासिल है। यह प्रावधान प्री-प्राइमरी स्कूलों पर लागू नहीं होगी।

इस मामले में अपर मुख्य सचिव माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा संजय अग्रवाल ने बताया कि फीस वृद्धि का यह फॉर्मूला शैक्षिक सत्र 2018-19 से लागू होगा। इसके लिए सत्र 2015-16 को आधार वर्ष माना गया है। प्रस्तावित अध्यादेश में यह व्यवस्था है कि स्कूल को अगले शैक्षिक सत्र की शुरुआत से 60 दिन पहले आगामी सत्र में प्रस्तावित फीस को अपनी वेबसाइट या नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित कर उसे सार्वजनिक करना होगा। उसे प्रवेश फार्म में कक्षा एक से 12 तक के फीस ढांचे का विवरण भी देना होगा।

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नई दिल्ली। मनमानी फीस वसूलने वाले प्राइवेट स्कूलों पर अंकुश लगाने के लिए 3 अप्रैल को कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया गया। इस बैठक में हुए फैसले के बाद अभिभावकों को बड़ी राहत मिल सकेगी। अब स्कू‍ल 7 से 8 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यूपी स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क का विनियमन) विधेयक, 2018 के प्रारूप पर चर्चा की गयी। जारी किए गए विधेयक के दायरे में…
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