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उप्र : कैबिनेट मंत्री कमल रानी की कोरोना से मौत, मुख्यमंत्री ने अयोध्या दौरा किया रद्द

By आराधना शर्मा 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री कमल रानी वरुण (62) का रविवार को निधन हो गया। बीती 18 जुलाई को वह कोरोना से संक्रमित पाई गई थीं। उनका इलाज राजधानी के संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में चला रहा था। रविवार सुबह करीब 9.30 बजे उन्होंने अंतिम सांसे लीं। उत्तर प्रदेश में किसी मंत्री की कोरोना से यह पहली मौत है।

निधन की पुष्टि एसजीपीजीआई के सीएमएस डॉक्टर अमित अग्रवाल ने की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए आज का अपना अयोध्या दौरा रद्द कर दिया है। मुख्यमंत्री भूमि पूजन कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने अयोध्या जा रहे थे।

कमल रानी वरुण योगी सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री थीं। तबीयत खराब होने के बाद 17 जुलाई को उनका सैंपल जांच के लिए सिविल अस्पताल में भेजा गया था। 18 जुलाई को उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद एसजीपीजीआई में भर्ती कर आइसोलेट किया गया था। कमल रानी की बेटी भी कोरोना पॉजिटिव थी। वह ठीक हो गयी।

2017 में भाजपा ने उन्हें कानपुर के घाटमपुर सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। वे इस सीट से जीतने वाली पार्टी की पहली विधायक थीं। पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा व लगन को देखते हुए 2019 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया थी। वे सरकार में प्राविधिक शिक्षा मंत्री थीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कमल रानी के निधन पर गहता शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण का बीते कई दिनों से इलाज चल रहा था। वो कोरोना पॉजिटिव थीं। आज सुबह उनका दुखद निधन हुआ है। उनका निधन समाज और सरकार के लिये अपूरणीय क्षति है। मंत्री के रूप में विभागीय कार्यों को कुशलतापूर्वक निर्वहन करने में सराहनीय योगदान दिया है। मैं श्रीमती कमल रानी वरुण के दुखद निधन पर उनके प्रति कोटि-कोटि श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मुख्यमंत्री ने विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गम्भीर संवेदना व्यक्त की है।

उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि कैबिनेट मंत्र श्रीमती कमल रानी वरुण जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। आपका निधन समाज व पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें व परिजनों को इस दुःख को सहने की क्षमता प्रदान करें।

प्रदेश के एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री श्रीमती कमल रानी वरुण जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शान्ति प्रदान करें एवं शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शान्ति

लखनऊ में हुई थीं पैदा, कानपुर में हुई थी शादी

कमल रानी वरुण का जन्म लखनऊ में 3 मई 1958 को हुआ था। उनकी शादी कानपुर के रहने वाले किशन लाल वरुण से हुई। किशन लाल एलआईसी में प्रशासनिक अधिकारी और आरएसएस के प्रतिबद्ध स्वयंसेवक थे। कमल रानी ने 1977 में पहली बार मतदाता पर्ची काटने का काम शुरू करते हुए राजनीति में प्रवेश किया था।

मलिन बस्तियों में किया था काम

कमल रानी वरुण ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत मलिन बस्तियों से की। वह सेवा भारती के सेवा केंद्र में बच्चों को पढ़ाने लगीं और गरीब महिलाओं को सिलाई, कढ़ाई और बुनाई की ट्रेनिंग देने लगीं।

पार्षद से सांसद, विधायक और कैबिनेट मंत्री तक का सफ़र

समाजशास्त्र से एमए कमलरानी को वर्ष 1989 में भाजपा ने उन्हें शहर के द्वारिकापुरी वार्ड से कानपुर पार्षद का टिकट दिया। चुनाव जीत कर नगर निगम पहुंची कमलरानी 1995 में दोबारा उसी वार्ड से पार्षद निर्वाचित हुईं। भाजपा ने 1996 में उन्हें घाटमपुर (सुरक्षित) संसदीय सीट से चुनाव मैदान में उतारा।

अप्रत्याशित जीत हासिल कर लोकसभा पहुंची कमलरानी ने 1998 में भी उसी सीट से दोबारा जीत दर्ज की। वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में उन्हें सिर्फ 585 मतों के अंतराल से बसपा प्रत्याशी प्यारेलाल संखवार के हाथों पराजित होना पड़ा था। सांसद रहते कमलरानी ने लेबर एंड वेलफेयर, उद्योग, महिला सशक्तिकरण, राजभाषा व पर्यटन मंत्रालय की संसदीय सलाहकार समितियों में रहकर काम किया।

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