अपराधियों को टिकट देने में बसपा सबसे आगे, भाजपा दूसरे नंबर पर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव के पांच चरण पूरे हो गए हैं। अब दो चरण बाकी रह गए हैं। छठे चरण में पूर्वाचल के सात जिलों की 49 सीटों पर चार मार्च को चुनाव होने है। छठे चरण में सभी राजनीतिक दलों से 635 उम्म्मीदवार चुनावी मैदान में है।




एक रिपोर्ट के मुताबिक़, अपराधियों को टिकट देने के मामले में इस चरण में बसपा के 24 यानि 49 फीसदी के साथ सबसे आगे हैं जबकि भाजपा के 18 यानी 40 फीसदी के साथ दूसरे नंबर पर है। छठे चरण में 15 यानि 38 फीसदी दागी सपा के टिकट से तो तीन यानि 30 फीसदी कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ रहे हैं। रालोद के पांच यानि 14 फीसदी प्रत्याशी आपराधिक पृष्ठभूमि के हैं।

छठे चरण में 17 फीसदी प्रत्याशियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण और महिला हिंसा जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। वहीं सबसे ज्यादा 73 फीसदी करोड़पति प्रत्याशी भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। बसपा ने 71 फीसदी तो सपा ने 70 फीसदी करोड़पतियों को मैदान में उतारा है।




छठे चरण के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.58 करोड़ रुपये है। इस चरण में भी महज नौ फीसदी महिला प्रत्याशी मैदान में हैं। छठे चरण में सात जिलों आजमगढ़, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज और मऊ की 49 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है।