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UP Election 2022: हजरतगंज और गोमतीनगर के सीओ रह चुके हैं राजेश्वर सिंह, ED का बड़ा ओहदा छोड़ क्यों राजनीति में आए?

ईडी में जॉइंट डायरेक्टर रहे राजेश्वर सिंह भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ताल ठोकते नजर आएंगे। भाजपा ने राजेश्वर सिंह को राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। राजेश्वर सिंह को टिकट देने के लिए भाजपा ने अपने कई दिग्गजों को किनारे लगाया है। इसी बीच राजेश्वर सिंह ने लखनऊवासियों को संबोधित करते हुए एक चिट्ठी लिखी है, जिसका शीर्षक है 'मेरा जन्मस्थान, मेरी कर्मभूमि'।

By शिव मौर्या 
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UP Election 2022: ईडी में जॉइंट डायरेक्टर रहे राजेश्वर सिंह  (Rajeshwar Singh) भी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ताल ठोकते नजर आएंगे। भाजपा ने राजेश्वर सिंह  (Rajeshwar Singh) को राजधानी लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। राजेश्वर सिंह को टिकट देने के लिए भाजपा ने अपने कई दिग्गजों को किनारे लगाया है। इसी बीच राजेश्वर सिंह ने लखनऊवासियों को संबोधित करते हुए एक चिट्ठी लिखी है, जिसका शीर्षक है ‘मेरा जन्मस्थान, मेरी कर्मभूमि’।

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राजेश्वर सिंह (Rajeshwar Singh) ने अपने पत्र में लिखा है कि, अपनी जननी की गोद में आकर एक बेटे को जो ख़ुशी मिलती है, उसको बयां करने के लिए शब्द नहीं होते। अपनी जन्मभूमि लखनऊ की सेवा का मौक़ा मुझे मिला है, मैं अभिभूत हूं, नतमस्तक हूं। लखनऊ मेरी सांसों में है, मेरे संस्कारों में है। मैं यहीं जन्मा, यहीं पला-बढ़ा, यहीं शिक्षा पायी और यहीं से नौकरी की शुरुआत हुई।

लखनऊ मेरे पिता स्व. श्री रण बहादुर सिंह जी की कर्मभूमि रही है। उन्होंने जीवन पर्यन्त लखनऊ और लखनऊ के लोगों की सेवा की और पुलिस उप महानिरीक्षक पद से रिटायर हुए। ‘राष्ट्रपति वीरता पदक’ से सम्मानित श्री रण बहादुर सिंह जी के उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए यहां एक सड़क का नामकरण ‘रण बहादुर सिंह मार्ग’ के रूप में हुआ। लखनऊ ने मेरे पिता जी को जो सम्मान दिया है, उसके लिए मैं हृदय से आभारी हूं।

लखनऊ वह शहर है जहां मैंने और मेरे पिताजी दोनों ने पुलिस अधिकारी के रूप में काम किया। पापा 1970 में सीओ कैसरबाग रहे, और मैं 2000 में सीओ गोमतीनगर था। हम दोनों ने ही अपने अपने कार्यकाल में लखनऊ को अपराध मुक्त करने और जनता में अमन-चैन कायम करने का भरसक प्रयास किया और उसमें सफल भी रहे।

लखनऊ के लोगों से मेरी नज़दीकियां बचपन की हैं। यहां के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज से मैंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई की है। इसके बाद मेरा सिलेक्शन आई.आई.टी. धनबाद में हुआ। फिर पुलिस सेवा में चयनित हो कर मैं लखनऊ आया और लम्बे समय तक यहां कार्यरत रहा। यहां मैं पुलिस क्षेत्राधिकारी हज़रतगंज भी रहा और क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर भी रहा। अपराध से जुड़े बड़े-बड़े मामले मैंने सुलझाए। लखनऊ के लोगों को अपराध और अपराधियों से मुक्ति मिले इसलिए मैंने गोमतीनगर में क्राइम ब्रांच की स्थापना की। एक ही समय में क्षेत्राधिकारी गोमतीनगर और क्षेत्राधिकारी क्राइम का पदभार संभाला।

2007 में मुझे भारत सरकार की सेवा में दिल्ली बुलाया गया, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में मैंने 14 साल क किया। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से पहले मैं ईडी जॉइंट डायरेक्टर था और आखिरी के सालों में मैं लखनऊ जोन में कार्यरत रहा।

 

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