UP- फेसबुक पर महिला दारोगा से की दोस्ती, फिर प्यार का इजहार, वर्दी पहन घूमता रहा अपहर्ता

Fake Raw Agent
UP- फेसबुक पर महिला दारोगा से की दोस्ती, फिर प्यार का इजहार, वर्दी पहन घूमता रहा अपहर्ता

कानपुर। कानपुर के दवा व्यापारी का अपहरण कर सनसनी फैलाने वाला फर्जी रॉ एजेंट सतेंद्र चौहान से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोपी ने बताया कि वह करीबी महिला दारोगा के साथ पुलिस लाइन भी गया था। वहां एक एटीएम बूथ के गार्ड की मदद से सौ-सौ रुपये में उसने रॉ एजेंट व एसीपी का फर्जी आइडी कार्ड बनवाया और वर्दी सिलवाई। गणतंत्र दिवस पर वर्दी पहनकर वह रेल बाजार व पुलिस लाइन के पास घूमता रहा लेकिन किसी को शक नहीं हुआ।

Up Facebook Friendship With Woman Inspector Then Express Love Hijacker Wearing Uniform :

अपहरणकर्ता सतेंद्र चौहान देहरादून की एक कंपनी के जरिए धौलपुर (राजस्थान) में जल निगम में एसटीपी पंप ऑपरेटर की नौकरी कर रहा था। कानपुर में तैनात एक महिला दारोगा से फेसबुक पर उसकी दोस्ती हुई थी। सतेंद्र ने खुद को रॉ एजेंट व अविवाहित होने की बात कही थी। दीपावली पर वह दारोगा की मां से मिलने आया था। उसने खुद को बीटेक पास बताया, जबकि केवल 10वीं तक पढ़ा है।

सतेंद्र के मुताबिक दो दिन रुकने के बाद लौट गया था। नवंबर में रेल बाजार आ गया। कई दिन तक दारोगा के साथ भी रहा, तब शादी की बातचीत शुरू हुई। 26 जनवरी को पुलिस लाइन की परेड देखने पहुंचा था। अगले दिन छोटे बेटे की तबीयत खराब होने की सूचना पर अमरोहा चला गया। इलाज के लिए रकम जुटाने की मंशा से एक फरवरी को आकर वारदात की।

एएसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सतेंद्र पहले बार-बार बयान बदलकर गुमराह करता रहा। सख्ती करने पर बताया कि पिता का वर्षों पहले देहांत हो चुका है। अमरोहा स्थित घर में उसकी मां, पत्नी और छह व तीन वर्ष के दो बेटे हैं। वह पहली बार दीपावली पर दारोगा से मिलने आया था। इसके बाद रेलबाजार में किराये पर कमरा लिया। इसी दौरान मीट व्यापारी फैसल व रेलबाजार के दवा सेल्समैन रोहन समेत अन्य साथियों से मुलाकात हुई।

रोहन ने रिश्तेदार दवा व्यापारी पिंटू को अवैध दवा का कारोबार करने का आरोप लगा उठाने व फिरौती वसूलने का प्लान बनाया। फैसल ने बताया कि सतेंद्र ने आइडी कार्ड दिखा खुद को आइपीएस अधिकारी बताया था। उसके साथ ही सूरज, कासिम, बच्चा व रोहन आदि झांसे में आ गए। उसने बताया था कि वह देश में कहीं भी कार्रवाई कर सकता है। पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने फिरौती में 10 लाख रुपये मांगे। व्यापारी के भाई श्रीकृष्ण ने रकम का इंतजाम न हो पाने की बात कही तो बोले कि सात लाख रुपये लेकर फेथफुलगंज आ जाओ। श्रीकृष्ण के चार लाख रुपये का इंतजाम होने की बात कहने पर राजी हो गए।

कानपुर। कानपुर के दवा व्यापारी का अपहरण कर सनसनी फैलाने वाला फर्जी रॉ एजेंट सतेंद्र चौहान से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। आरोपी ने बताया कि वह करीबी महिला दारोगा के साथ पुलिस लाइन भी गया था। वहां एक एटीएम बूथ के गार्ड की मदद से सौ-सौ रुपये में उसने रॉ एजेंट व एसीपी का फर्जी आइडी कार्ड बनवाया और वर्दी सिलवाई। गणतंत्र दिवस पर वर्दी पहनकर वह रेल बाजार व पुलिस लाइन के पास घूमता रहा लेकिन किसी को शक नहीं हुआ। अपहरणकर्ता सतेंद्र चौहान देहरादून की एक कंपनी के जरिए धौलपुर (राजस्थान) में जल निगम में एसटीपी पंप ऑपरेटर की नौकरी कर रहा था। कानपुर में तैनात एक महिला दारोगा से फेसबुक पर उसकी दोस्ती हुई थी। सतेंद्र ने खुद को रॉ एजेंट व अविवाहित होने की बात कही थी। दीपावली पर वह दारोगा की मां से मिलने आया था। उसने खुद को बीटेक पास बताया, जबकि केवल 10वीं तक पढ़ा है। सतेंद्र के मुताबिक दो दिन रुकने के बाद लौट गया था। नवंबर में रेल बाजार आ गया। कई दिन तक दारोगा के साथ भी रहा, तब शादी की बातचीत शुरू हुई। 26 जनवरी को पुलिस लाइन की परेड देखने पहुंचा था। अगले दिन छोटे बेटे की तबीयत खराब होने की सूचना पर अमरोहा चला गया। इलाज के लिए रकम जुटाने की मंशा से एक फरवरी को आकर वारदात की। एएसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सतेंद्र पहले बार-बार बयान बदलकर गुमराह करता रहा। सख्ती करने पर बताया कि पिता का वर्षों पहले देहांत हो चुका है। अमरोहा स्थित घर में उसकी मां, पत्नी और छह व तीन वर्ष के दो बेटे हैं। वह पहली बार दीपावली पर दारोगा से मिलने आया था। इसके बाद रेलबाजार में किराये पर कमरा लिया। इसी दौरान मीट व्यापारी फैसल व रेलबाजार के दवा सेल्समैन रोहन समेत अन्य साथियों से मुलाकात हुई। रोहन ने रिश्तेदार दवा व्यापारी पिंटू को अवैध दवा का कारोबार करने का आरोप लगा उठाने व फिरौती वसूलने का प्लान बनाया। फैसल ने बताया कि सतेंद्र ने आइडी कार्ड दिखा खुद को आइपीएस अधिकारी बताया था। उसके साथ ही सूरज, कासिम, बच्चा व रोहन आदि झांसे में आ गए। उसने बताया था कि वह देश में कहीं भी कार्रवाई कर सकता है। पुलिस के मुताबिक आरोपितों ने फिरौती में 10 लाख रुपये मांगे। व्यापारी के भाई श्रीकृष्ण ने रकम का इंतजाम न हो पाने की बात कही तो बोले कि सात लाख रुपये लेकर फेथफुलगंज आ जाओ। श्रीकृष्ण के चार लाख रुपये का इंतजाम होने की बात कहने पर राजी हो गए।