1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी: कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में होगी FIR, सपा शासनकाल में हुई थी भर्ती, सीएम योगी ने दिया आदेश

यूपी: कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में होगी FIR, सपा शासनकाल में हुई थी भर्ती, सीएम योगी ने दिया आदेश

Up Fir To Be Held In Cooperative Bank Scam Recruitment Was Done During Sp Rule Cm Yogi Ordered

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान हुए बहुचर्चित कोऑपरेटिव बैंक नियुक्ति घोटाले में FIR होगी। मुख्यमंगी योगी आदित्यनाथ ने इसको लेकर आदेश दे दिया है। विशेष अनुसंधाान दल (एसआइटी) अब नियुक्तियों में भ्रष्टाचार के दोषी तत्कालीन दो प्रबंध निदेशकों समेत अन्य के विरुद्ध नामजद एफआइआर दर्ज कर उन पर अपना शिकंजा कसेगा। बता दें कि, एसआईटी ने प्रकरण में बीते दिनों अपनी जांच रिपोर्ट शासन को सौंपी थी।

पढ़ें :- हाथरस गोलीकांड: सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना, कहा- हर अपराधी के साथ समाजवादी शब्द क्यों

इस रिपोर्ट में दोषी अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने की सिफारिश की गई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर नियुक्तियों में धांधली के इस गंभीर मामले में एफआइआर की मंजूरी दिए जाने की जानकारी साझा की है। बता दें कि, यूपी कोऑपरेटिव बैंक के सहायक प्रबंधक (सामान्य) तथा सहायक प्रबंधक (कंप्यूटर) की वर्ष 2015-16 तथा प्रबंधक व सहायक/कैशियर के पदों पर 2016-17 में की गई भर्तियों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।

उल्लेखनीय है कि सपा शासनकाल में वर्ष 2012 से 2017 के मध्य उप्र सहकारी भूमि विकास बैंक, उप्र राज्य भंडारण निगम व उप्र कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में भर्ती के 49 विज्ञापन जारी हुए थे, जिनमें 40 विज्ञापन के तहत भर्ती की प्रक्रिया पूरी की गई थी। बताया गया कि प्रबंधक, उप महाप्रबंधक, सहायक प्रबंधक, सहायक शाखा आंकिक, सहायक फील्ड आफिसर, सहायक प्रबंधक (कंप्यूटर), वरिष्ठ शाखा प्रबंधक व लिपिक के 2343 पदों पर भर्ती हुई थी।

दो एमडी तथा सेवा मंडल के अध्यक्ष सहित कई आरोपी
एसआईटी जांच में उ.प्र. को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड के तत्कालीन दो प्रबंध निदेशक हीरालाल यादव और रविकांत सिंह, उ.प्र. सहकारी संस्थागत सेवामंडल के तत्कालीन अध्यक्ष रामजतन यादव, सचिव राकेश मिश्र, सदस्य संतोष कुमार श्रीवास्तव के साथ-साथ संबंधित भर्ती कम्प्यूटर एजेंसी मेसर्स एक्सिस डिजिनेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ के अलावा उत्तर प्रदेश को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड और सहकारी संस्थागत सेवामंडल की प्रबंध समिति के अन्य अधिकारियों व कर्मचरियों के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा-420, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत अभियोग पंजीकृत करने की अनुशंसा की गई थी। इस अनुशंसा को मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।

एक माह में जांच पूरी करने का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआइटी के अधिकारियों को उत्तर प्रदेश राज्य भंडारण निगम में वर्ष 2013 तथा उप्र सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड में वर्ष 2015-16 में हुई भर्तियों की जांच एक माह में पूरी कर रिपोर्ट देने का निर्देश भी दिया है।

पढ़ें :- यूपी में शोहदों के हौसले बुलंद, हाथरस के बाद अलीगढ़ में नाबालिग के साथ दुष्‍कर्म कर उतारा मौत के घाट

 

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करे...