बाप की लाश गोद में लेकर अस्पताल से निकलता बेटा, पीछे से मां दे रही सहारा…

Up Gor Bad Behavior With Patients In Gorakhpur

गोरखपुर। यूपी स्वास्थ्य महकमे की पोल खोलती एक तस्वीर सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से आ रही है जहां इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गयी। आरोप है कि इलाज में लापरवाही हुई जिस वजह से मरीज की मौत हो गयी। मौत के बाद परिजनों को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस या शव वाहन नहीं मिला तो मजबूरन टैक्सी बुलानी पड़ी। टैक्सी आ जाने के बाद शव को अस्पताल से बाहर ले जाने के लिए स्ट्रेचर भी नहीं मिलने पर बेटा बाप की लाश को गोद में उठाकर निकलता दिखा, इस दौरान उसकी मां भी मदद कर रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो यह पूरा दृश्य देख सबके रोंगटे खड़े हो गए थे।

गुलरिहा थाना क्षेत्र के जैनपुर गांव के रहने वाले हरिशचंद्र (35) मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। बुधवार सुबह वो कहीं गया हुआ था। घर लौटते समय उसे उल्टी होने लगी। घर पहुंचा, तो परिजन उसे एंबूलेंस के माध्यम से भटहट थाना क्षेत्र के सीएचसी पर ले गए। जहां करीब 35 मिनट इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है, मौत के बाद डॉक्टर पूरा शरीर हिलाने-डुलाने के बाद मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर रहे थे। इसपर मृतक की पत्नी शकुंतला और बड़ी बेटा अच्छेलाल विरोध करने लगे। इसके बाद न एंबूलेंस मिली न शव वाहन। बिना स्ट्रेचर, बाप के शव को गोद में लेकर बेटा बाहर आया फिर टैंपों के माध्यम से उसे घर पहुंचायाय गया।

क्या कहते हैं अधिकारी?
एडी हेल्थ डॉक्टर पुष्कर आनंद ने इस मामले में बताया कि मरीज की मौत के बाद शव कंधे पर ले जाने का मामला मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। इससे स्वास्थ्य विभाग के साथ सरकार की छवि खराब हुई है, पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गोरखपुर। यूपी स्वास्थ्य महकमे की पोल खोलती एक तस्वीर सीएम योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर से आ रही है जहां इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गयी। आरोप है कि इलाज में लापरवाही हुई जिस वजह से मरीज की मौत हो गयी। मौत के बाद परिजनों को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस या शव वाहन नहीं मिला तो मजबूरन टैक्सी बुलानी पड़ी। टैक्सी आ जाने के बाद शव को अस्पताल से बाहर ले जाने के लिए…