निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त हुई यूपी सरकार, तीसरी बार नियम तोड़ने पर रद्द होगी मान्यता

dinesh-sharma

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए सरकार ने सख्त रुख कर दिया है। यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने निजी स्कूलों की फीस निर्धारण अधिनियम का पहला ड्राफ्ट जारी किया। इसके तहत अवैध फीस वसूली करने वाले स्कूलों पर 5 लाख रुपये तक जुर्माना और मान्यता खत्म किए जाने तक का प्रावधान किया गया है। इस ड्राफ्ट पर 22 दिसंबर तक जनता की राय भी मांगी गई है।

डिप्टी सीएम ने बताया, ये विधेयक यूपी बोर्ड, सीबीएसई, और आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों में भी लागू होगा। इसमें शुल्क को चार भागों में बांटा गया है। फीस वार्षिक या एकमुश्त नहीं ली जा सकती। इसमें केवल 15 प्रतिशत विकास शुल्क लिया जा सकता है। जिसे स्कूल में ही खर्च किया जा सकेगा। साथ ही कॉशन मनी को रिफंडेबल बनाया जाएगा।

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डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया, जिन स्कूलों की वार्षिक संभव एवं विकास फीस 20 हजार रुपये है, वे इसके दायरे में नहीं आएंगे। उन्होंने बताया कि लोगों के सुझाव को समाहित करने के बाद ड्राफ्ट को अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि अगले सत्र में इसे लागू करने को लेकर उन्होंने स्थिति साफ नहीं की। दिनेश शर्मा ने कहा कि हमारी कोशिश इसे जल्द प्रभावी करने की है।

तीसरी बार नियम तोड़ने पर रद्द होगी मान्यता-

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बिल के मुताबिक स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा, पंजीकरण और परीक्षा शुल्क ले सकेंगे। इसके अलावा विवरण पुस्तिका और ऐडमिशन के लिए सिर्फ प्रवेश के समय ही फीस ली जा सकेगी। ट्रांसपोर्टेशन फीस, भोजन और बोर्डिंग की सुविधाओं के लिए भी ऐच्छिक रूप से फीस ली जा सकेगी। बिल के मुताबिक इस कानून का उल्लंघन करने पर पहली बार 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके बाद दोबारा उल्लंघन की शिकायत मिलने पर 5 लाख रुपये की दण्ड देना होगा और तीसरी बार पकड़े जाने पर स्कूल की मान्यता रद्द करते हुए विकास फंड को सीज कर दिया जाएगा।

यहां दे सकेंगे सुझाव-

प्रस्तावित विधेयक का ड्राफ्ट हिंदी और अंग्रेजी में माध्यमिक शिक्षा विभाग की वेबसाइट http://madhyamikshiksha.up.nic.in/ पर उपलब्ध है। सुझाव या आपत्ति desecedu@gmail.com पर 22 दिसंबर तक भेजी जा सकती है।

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी पर नकेल कसने के लिए सरकार ने सख्त रुख कर दिया है। यूपी के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने निजी स्कूलों की फीस निर्धारण अधिनियम का पहला ड्राफ्ट जारी किया। इसके तहत अवैध फीस वसूली करने वाले स्कूलों पर 5 लाख रुपये तक जुर्माना और मान्यता खत्म किए जाने तक का प्रावधान किया गया है। इस ड्राफ्ट पर 22 दिसंबर तक जनता की राय भी मांगी गई है। डिप्टी सीएम ने…
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