यूपी सरकार के मंत्री बोले-नेताओं का पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं, शिक्षित लोग खराब करते हैं माहौल

JK Singh
यूपी सरकार के मंत्री बोले-नेताओं का पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं, शिक्षित लोग खराब करते हैं माहौल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के जेल मंत्री जेके सिंह जैकी का अजीबोगरीब बयान सामने आया हैै। उन्होंने शिक्षित लोगों पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि नेताओं को पढ़ा-लिखा होने की कोई जरूरत नहीं है। जेल मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर शेयर हो रहा है। जेल मंत्री जेके सिंह जैकी ने एक कार्यक्रम में कहा कि मैं एक मंत्री हूं। मेरे पास निजी सचिव होता है।

Up Government Ministers Said Leaders Do Not Have To Be Educated Educated People Spoil The Atmosphere :

स्टाफ होता है। उन्होंने आगे कहा कि जेल मुझे थोड़ी न चलानी है। इसके लिए जेल अधीक्षक हैं, जेलर हैं। उन्हें जेल चलानी है। मुझे तो ये कहना है कि जेल में खाना अच्छा बने। जेल का प्रबंध अच्छा हो। नेताओं को पढ़ने-लिखने की जरूरत नहीं है। जेके सिंह ने कहा कि नेताओं के लिए पढ़ाई-लिखाई जरूरी नहीं होनी चाहिए उन्हें विजनरी होना चाहिए।

नेता के ज्ञान का उसकी डिग्री से कोई मतलब नहीं है। अगर मैंने कहा है कि आईटीआई बनना है, तो यह काम इंजीनियर का है कि वो कैसे बनेगा। मंत्री ने कहा, आईएएस, आईपीएस जब आपस में बैठते हैं तो कहते हैं कि फला विधायक हाईस्कूल पास है, वो इंटर पास है उसको कुछ आता नहीं है। बिना पढ़े लोग पढ़े-लिखे लोगों को चलाते हैं। मंत्री ने कहा कि समाज मे पढ़े लिखे लोगों ने ही गलत माहौल पैदा कर रहे हैं।

इसके साथ ही मंत्री ने बच्चों से कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ क्या बनाना है, ये पहले ही तय करना चाहिए। इससे बच्चों को अपना लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी रहती है। उन्होंने बच्चों को अपने बारे में बताया कि बचपन में पढ़ाई के दौरान उन्होंने भी अपना टॉरगेट फिक्स किया था, कि उन्हें नेता बनना है। इसलिए पढ़ाई के समय से ही वह लीडरशिप में शामिल रहते थे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के जेल मंत्री जेके सिंह जैकी का अजीबोगरीब बयान सामने आया हैै। उन्होंने शिक्षित लोगों पर माहौल खराब करने का आरोप लगाया है। साथ ही कहा है कि नेताओं को पढ़ा-लिखा होने की कोई जरूरत नहीं है। जेल मंत्री का यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर शेयर हो रहा है। जेल मंत्री जेके सिंह जैकी ने एक कार्यक्रम में कहा कि मैं एक मंत्री हूं। मेरे पास निजी सचिव होता है। स्टाफ होता है। उन्होंने आगे कहा कि जेल मुझे थोड़ी न चलानी है। इसके लिए जेल अधीक्षक हैं, जेलर हैं। उन्हें जेल चलानी है। मुझे तो ये कहना है कि जेल में खाना अच्छा बने। जेल का प्रबंध अच्छा हो। नेताओं को पढ़ने-लिखने की जरूरत नहीं है। जेके सिंह ने कहा कि नेताओं के लिए पढ़ाई-लिखाई जरूरी नहीं होनी चाहिए उन्हें विजनरी होना चाहिए। नेता के ज्ञान का उसकी डिग्री से कोई मतलब नहीं है। अगर मैंने कहा है कि आईटीआई बनना है, तो यह काम इंजीनियर का है कि वो कैसे बनेगा। मंत्री ने कहा, आईएएस, आईपीएस जब आपस में बैठते हैं तो कहते हैं कि फला विधायक हाईस्कूल पास है, वो इंटर पास है उसको कुछ आता नहीं है। बिना पढ़े लोग पढ़े-लिखे लोगों को चलाते हैं। मंत्री ने कहा कि समाज मे पढ़े लिखे लोगों ने ही गलत माहौल पैदा कर रहे हैं। इसके साथ ही मंत्री ने बच्चों से कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ क्या बनाना है, ये पहले ही तय करना चाहिए। इससे बच्चों को अपना लक्ष्य प्राप्त करने में आसानी रहती है। उन्होंने बच्चों को अपने बारे में बताया कि बचपन में पढ़ाई के दौरान उन्होंने भी अपना टॉरगेट फिक्स किया था, कि उन्हें नेता बनना है। इसलिए पढ़ाई के समय से ही वह लीडरशिप में शामिल रहते थे।