यूपी सरकार ने सभी प्रकार के एरियर भुगतान पर 30 सितंबर तक लगाई रोक

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यूपी सरकार ने सभी प्रकार के एरियर भुगतान पर 30 सितंबर तक लगाई रोक

लखनऊ। कोविड—19 संक्रमण के दौरान शुरू हुआ लॉकडाउन से उत्पन्न् परिस्थितियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कैश मैनेजमेंट के तहत प्रदेश सरकार ने किसी प्रकार के एरियर के भुगतान पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है। एरियर का भुगतान अब 30 सितंबर के बाद ही होगा।

Up Government Prohibits All Types Of Arrear Payments Till 30 September :

इसके साथ-साथ सभी विभागों के बजट में वृहद निर्माण कार्य तथा जमीन खरीद के लिए प्रावधानित राशि भी 31 जुलाई तक वित्त विभाग की सहमति से ही जारी की जा सकेंगी। इस आशय का शासनादेश अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल ने जारी किया है। इसी प्रकार सभी विभागों को मानद मद-24 के तहत वृहद निर्माण कार्य तथा मानद मद 60 भूमि क्रय से संबंधित धनराशि 31 जुलाई तक वित्त विभाग की सहमति के बाद ही जारी किए जाने का आदेश हुआ है।

11 अप्रैल को जारी शासनादेश की व्यवस्थाएं यथावत लागू रहेंगी। अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि कोविड-19 के कारण प्रदेश में लॉकडाउन घोषित होने के फलस्वरूप प्रदेश के राजस्व में आई कमी के कारण कैश मैनेजमेंट के दृष्टिगत यह निर्णय किया गया है। किसी भी प्रकार के एरियर का भुगतान 30 सितंबर के बाद ही किया जाएगा।

लखनऊ। कोविड—19 संक्रमण के दौरान शुरू हुआ लॉकडाउन से उत्पन्न् परिस्थितियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कैश मैनेजमेंट के तहत प्रदेश सरकार ने किसी प्रकार के एरियर के भुगतान पर 30 सितंबर तक रोक लगा दी है। एरियर का भुगतान अब 30 सितंबर के बाद ही होगा। इसके साथ-साथ सभी विभागों के बजट में वृहद निर्माण कार्य तथा जमीन खरीद के लिए प्रावधानित राशि भी 31 जुलाई तक वित्त विभाग की सहमति से ही जारी की जा सकेंगी। इस आशय का शासनादेश अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल ने जारी किया है। इसी प्रकार सभी विभागों को मानद मद-24 के तहत वृहद निर्माण कार्य तथा मानद मद 60 भूमि क्रय से संबंधित धनराशि 31 जुलाई तक वित्त विभाग की सहमति के बाद ही जारी किए जाने का आदेश हुआ है। 11 अप्रैल को जारी शासनादेश की व्यवस्थाएं यथावत लागू रहेंगी। अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि कोविड-19 के कारण प्रदेश में लॉकडाउन घोषित होने के फलस्वरूप प्रदेश के राजस्व में आई कमी के कारण कैश मैनेजमेंट के दृष्टिगत यह निर्णय किया गया है। किसी भी प्रकार के एरियर का भुगतान 30 सितंबर के बाद ही किया जाएगा।