योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए खर्च किए 14 लाख रुपए

योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए खर्च किए 14 लाख रुपए
योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए खर्च किए 14 लाख रुपए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने हेलीकॉप्टर से मेरठ और उसके आसपास के जिलों में कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए 14 लाख रुपए खर्च किए थे। इसी हेलिकॉप्‍टर के जरिए पिछले दिनों मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने कांवड़ियों के लिए फूल बरसाते हुए उनका स्वागत किया था। लेकिन सरकार ने यह हेलीकॉप्टर कांवड़ यात्रा पर निगरानी करने के उद्देश्य से किराए पर लिया था। एडीजी प्रशांत कुमार का फूल बरसाते विडियो वायरल हो गया था।

Up Government Spent Rs 14 Lakh On Helicopter Which Showered Rose Petals On Kanwariyas :

प्रदेश सरकार गृह विभाग से जारी 5 अगस्त की वह चिठ्ठी भी मिली है, जिसमें 7 से 9 अगस्त के बीच मेरठ और उसके आसपास के जिलों में कांवड़ियों पर निगरानी रखने के लिए हेलीकॉप्टर किराए पर लिया गया था। आदेश के मुताबिक, सरकार ने यह हेलीकॉप्टर एयर चार्टर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से किराए पर लिया था। सरकार ने इस हेलीकॉप्टर के लिए 14.31 लाख रुपए का किराया चुकाया।

आंनद कुमार ने कहा, ‘यह सरकार और प्रशासन का कांवड़ यात्रा के स्‍वागत करने का प्रतीक है। यह एक प्रतीकात्‍मक भाव है। इसका मतलब यह नहीं है कि पुलिस का सड़क पर जा रहे लोगों के साथ धार्मिक झुकाव है।’ उन्‍होंने कहा कि पुलिस यह संदेश देना चाहती थी कि वह कांवड़ यात्रा को नियंत्रित नहीं कर रही है बल्कि उसे सुगम बना रही है। कुमार ने कहा, ‘फूल बरसाना सेवा शर्तों का उल्‍लंघन नहीं है। यह अनैतिक भी नहीं है और हम सभी धर्मों के साथ ऐसा करते हैं।’

योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए खर्च किए 14 लाख रुपए
योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए खर्च किए 14 लाख रुपए

प्रदेश गृह विभाग ने 27 जुलाई को अपने आदेश में कहा था कि मेरठ रेंज में 4 से 9 अगस्त तक कांवड़ यात्रा पर निगरानी रखने के लिए हेलीकॉप्टर से निगरानी रखी जाएगी। उस वक्त पवन हंस लिमिटेड से हेलीकॉप्टर किराए पर लेने के लिए 21.64 लाख का बजट तय किया गया था।

लेकिन एयर चार्टर सर्विसेज यह काम कम कीमत में करने को राजी हो गया, जिसके बाद पुराना आदेश निरस्त कर दिया गया। कांवड़ यात्रा पर हवाई निगरानी करने का काम पहली बार किया गया था। 18 जुलाई को समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने हवाई निगरानी के आदेश जारी किए थे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने हेलीकॉप्टर से मेरठ और उसके आसपास के जिलों में कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए 14 लाख रुपए खर्च किए थे। इसी हेलिकॉप्‍टर के जरिए पिछले दिनों मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने कांवड़ियों के लिए फूल बरसाते हुए उनका स्वागत किया था। लेकिन सरकार ने यह हेलीकॉप्टर कांवड़ यात्रा पर निगरानी करने के उद्देश्य से किराए पर लिया था। एडीजी प्रशांत कुमार का फूल बरसाते विडियो वायरल हो गया था।प्रदेश सरकार गृह विभाग से जारी 5 अगस्त की वह चिठ्ठी भी मिली है, जिसमें 7 से 9 अगस्त के बीच मेरठ और उसके आसपास के जिलों में कांवड़ियों पर निगरानी रखने के लिए हेलीकॉप्टर किराए पर लिया गया था। आदेश के मुताबिक, सरकार ने यह हेलीकॉप्टर एयर चार्टर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से किराए पर लिया था। सरकार ने इस हेलीकॉप्टर के लिए 14.31 लाख रुपए का किराया चुकाया।आंनद कुमार ने कहा, 'यह सरकार और प्रशासन का कांवड़ यात्रा के स्‍वागत करने का प्रतीक है। यह एक प्रतीकात्‍मक भाव है। इसका मतलब यह नहीं है कि पुलिस का सड़क पर जा रहे लोगों के साथ धार्मिक झुकाव है।' उन्‍होंने कहा कि पुलिस यह संदेश देना चाहती थी कि वह कांवड़ यात्रा को नियंत्रित नहीं कर रही है बल्कि उसे सुगम बना रही है। कुमार ने कहा, 'फूल बरसाना सेवा शर्तों का उल्‍लंघन नहीं है। यह अनैतिक भी नहीं है और हम सभी धर्मों के साथ ऐसा करते हैं।'[caption id="attachment_298275" align="aligncenter" width="657"]योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए खर्च किए 14 लाख रुपए योगी सरकार ने हेलीकॉप्टर से कांवड़ियों पर फूल बरसाने के लिए खर्च किए 14 लाख रुपए[/caption]प्रदेश गृह विभाग ने 27 जुलाई को अपने आदेश में कहा था कि मेरठ रेंज में 4 से 9 अगस्त तक कांवड़ यात्रा पर निगरानी रखने के लिए हेलीकॉप्टर से निगरानी रखी जाएगी। उस वक्त पवन हंस लिमिटेड से हेलीकॉप्टर किराए पर लेने के लिए 21.64 लाख का बजट तय किया गया था।लेकिन एयर चार्टर सर्विसेज यह काम कम कीमत में करने को राजी हो गया, जिसके बाद पुराना आदेश निरस्त कर दिया गया। कांवड़ यात्रा पर हवाई निगरानी करने का काम पहली बार किया गया था। 18 जुलाई को समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने हवाई निगरानी के आदेश जारी किए थे।