क्या गर्भवती महिलाओं को मिल रहा हौंसला पोषण योजना का लाभ, एक जांच तो बनती है CM साहब

लखनऊ: हौसला पोषण योजना प्रदेश के इतिहास में एक ऐतिहासिक शुरुआत है। इस योजना के तहत प्रदेश की गर्भवती महिलाओं को एमडीएम मेन्यू के तहत भोजन के साथ सप्ताह में दो दिन दही व अति कुपोषित बच्चों को एमडीएम भोजन के साथ माह में आधा किलो देशी घी दिया जाएगा।




इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह दिन गरम पका पकाया भोजन मिल सकेगा। साथ ही उन्हें मौसमी फल, आयरन टेबलेट और तीन दिन दही भी मिलेगी। इसके अलावा अति कुपोषित बच्चों को भी भोजन और फल मुफ्त में मिलेगा। जिस समाज में महिलाएं स्वस्थ होती हैं, वहां के बच्चे और समाज स्वस्थ रहता है। योजना के तहत सात माह से तीन वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों को भी पका पकाया भोजन मिल सकेगा। इसी तरह तीन से छह साल के बच्चों को शाम के समय घर पर स्नैक्स व मौसमी फल भी दिए जाएंगे।




लेकिन यह देशी घी, दही और मौसमी फल केवल प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती और सहायिका खा रही हैं। सरकार की इस महत्वाकांछी योजना का लाभ इन्ही तक सीमित है। कहीं-कहीं गर्भवती महिलाओं को महीने में एक आध बार तहरी-खिचड़ी बनाकर खिला दी रही है। बाकी उन्हें किसी न किसी बहाने से टरका दिया जा रहा है। यह केवल एक जगह का हाल नहीं है। जाँच की जाए तो इस तरह के मामले अधिकांश जगह देखने को मिल जायेंगे।

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