बुलंदशहर के DM के घर-दफ्तर पर CBI का छापा, 47 लाख रूपए बरामद

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बुलंदशहर के DM के घर-दफ्तर पर CBI का छापा, 47 लाख रूपए बरामद

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित खनन घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को छापेमारी की। ये छापे बुलंदशहर के जिलाधिकारी (DM) अभय कुमार सिंह के निवास पर मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि छापेमारी की कार्रवाई सुबह करीब 9 बजे से चल रही है। यह कार्रवाई गोपनीय तरीके से की जा रही है। जांच एजेंसी नोट गिनने की मशीन भी साथ लेकर गई है। अभय कुमार सिंह के निवास से 47 लाख रूपए बरामद हुआ है।

Up Illegal Mining Case Akhilesh Yadav Cbi Raids Residence Dm Abhay Singh :

घर स कैश बरामद, अधिकारी भी हैरान सूत्रों ने बताया कि तलाशी के दौरान आईएएस के घर से सीबीआई को नोटों की कई गड्डियां मिलीं। इन गड्डियों को गिनवाने के लिए बाद में मशीन मंगवाई गई। लोगों को नोट गिनने वाली मशीन का पता तब चला जब छापेमारी के दौरान एक गाड़ी डीएम के आवास से बाहर गई और कुछ देर बाद वापस लौटी। वापस लौटने के दौरान गाड़ी में लोगों ने नोट गिनने की मशीन लेकर आई। अभय कुमार सिंह के निवास से 47 लाख रूपए बरामद हुआ है।

अभय सिंह समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार में फतेहपुर के डीएम थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने सारे नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से खनन पट्टे किए। हाई कोर्ट की रोक के बावजूद लोगों को अवैध खन की रेवड़ी बांटी गई। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। उन्हें लगभग पांच महीने पहले ही बुलंदशहर का डीएम बनाया गया था।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, साल 2012 में अवैध खनन पट्टों को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 2013 में आदेश दिया कि अब कोई भी नया पट्टा नहीं दिया जाएगा और पुराने पट्टों का नवीनीकरण भी नहीं होगा। इस दौरान 10 महीने के करीब अभय सिंह फतेहपुर के डीएम थे। आदेश के बावजूद जिले में खनन जारी रहा। जिसके बाद जुलाई 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट ने यूपी के सात जिलों में अवैध खनन मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे जिसमें, फतेहपुर, सहारनपुर, कौशांबी, हमीरपुर, शामली, देवरिया और सिद्धार्थनगर शामिल हैं।

सीबीआई कई सालों से अवैध खनन मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान सीबीआई को पता चला कि अवैध खनन से हुई काली कमाई की मलाई खाने में कई सफेदपोश और अधिकारी शामिल हैं। जांच के आधार पर ही अब सीबीआई लगातार छापेमारी कर रही है।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित खनन घोटाला मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बुधवार को छापेमारी की। ये छापे बुलंदशहर के जिलाधिकारी (DM) अभय कुमार सिंह के निवास पर मारे गए हैं। बताया जा रहा है कि छापेमारी की कार्रवाई सुबह करीब 9 बजे से चल रही है। यह कार्रवाई गोपनीय तरीके से की जा रही है। जांच एजेंसी नोट गिनने की मशीन भी साथ लेकर गई है। अभय कुमार सिंह के निवास से 47 लाख रूपए बरामद हुआ है। घर स कैश बरामद, अधिकारी भी हैरान सूत्रों ने बताया कि तलाशी के दौरान आईएएस के घर से सीबीआई को नोटों की कई गड्डियां मिलीं। इन गड्डियों को गिनवाने के लिए बाद में मशीन मंगवाई गई। लोगों को नोट गिनने वाली मशीन का पता तब चला जब छापेमारी के दौरान एक गाड़ी डीएम के आवास से बाहर गई और कुछ देर बाद वापस लौटी। वापस लौटने के दौरान गाड़ी में लोगों ने नोट गिनने की मशीन लेकर आई। अभय कुमार सिंह के निवास से 47 लाख रूपए बरामद हुआ है। अभय सिंह समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार में फतेहपुर के डीएम थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने सारे नियमों को ताक पर रखकर मनमाने ढंग से खनन पट्टे किए। हाई कोर्ट की रोक के बावजूद लोगों को अवैध खन की रेवड़ी बांटी गई। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। उन्हें लगभग पांच महीने पहले ही बुलंदशहर का डीएम बनाया गया था। क्या है पूरा मामला? दरअसल, साल 2012 में अवैध खनन पट्टों को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने 2013 में आदेश दिया कि अब कोई भी नया पट्टा नहीं दिया जाएगा और पुराने पट्टों का नवीनीकरण भी नहीं होगा। इस दौरान 10 महीने के करीब अभय सिंह फतेहपुर के डीएम थे। आदेश के बावजूद जिले में खनन जारी रहा। जिसके बाद जुलाई 2016 में इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट ने यूपी के सात जिलों में अवैध खनन मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे जिसमें, फतेहपुर, सहारनपुर, कौशांबी, हमीरपुर, शामली, देवरिया और सिद्धार्थनगर शामिल हैं। सीबीआई कई सालों से अवैध खनन मामले की जांच कर रही थी। जांच के दौरान सीबीआई को पता चला कि अवैध खनन से हुई काली कमाई की मलाई खाने में कई सफेदपोश और अधिकारी शामिल हैं। जांच के आधार पर ही अब सीबीआई लगातार छापेमारी कर रही है।