UP: नोएडा में सरकारी कर्मचारी को NRC का सर्वेयर समझकर पीटा गया

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UP: नोएडा में सरकारी कर्मचारी को NRC का सर्वेयर समझकर पीटा गया

ग्रेटर नोएडा: केन्द्र सरकार ने देश में जबसे नागरिकता संशोधन कानून लागू किया है तभी से पूरे देश में सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालांकि सीएए और एनआरसी बिल्कुल अलग हैं, एनआरसी का अभी तक सरकार कोई प्रस्ताव भी नही लाई लेकिन विपक्षी पार्टियों और कुछ मुस्लिम समुदाय के संगठनों ने ऐसी अफवाह फैलाई कि एनआरसी का जमकर विरोध शुरू हो गया है। नतीजा ये है कि अब किसी गांव में कोई सरकारी विभाग का कर्मचारी कोई सर्वे करने पंहुचता है तो उसे NRC का सर्वेयर समझकर पीट दिया जाता है। एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा से आया है।

Up In Noida Government Employee Beaten Up As Nrc Surveyor :

बताया गया कि यूपी के गौतम बुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा में बुधवार को एक सरकारी कर्मचारी आर्थिक जनगणना करने के लिए गांव में गया था। लेकिन ग्रामीणों ने कर्मचारी को NRC या नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस के लिए सर्वे करने वाला समझ लिया और उसपर हमला कर दिया। सरकारी कर्मचारी को एनआरसी सर्वेयर समझते ही गांव भर में यह अफवाह फैल गई और गांव वाले आक्रोशित हो गये। आपको बता दें कि यह गांव मुस्लिम बहुल आबादी वाला है। इस गांव का नाम छौलस है। सरकारी कर्मी की शिकायत पर इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति पर नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

आपको बता दें कि ​अभी भी पूरे देश में एनआरसी को लेकर बहस चल रही है। दिल्ली के शाहीनबाग में तो दो महीने से प्रदर्शनकारी महिलाएं धरने पर बैठी है। उनका कहना है कि जबतक सरकार सीएए और एनआरसी वापस नही लेती तबतक धरना चलता रहेगा। गृह मंत्री अमित शाह भी लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान ये कह चुके हैं कि पूरे देश में एनआरसी लागू होगा और देश में गैरकानूनी तरीके से रह रहे बाहरी लोगों को निकाला जाएगा। बता दें कि एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस के जरिए भारत में अवैध तरीके से रह रहे घुसपैठियों की पहचान की जाती है और उन्हे देश से भगाया जायेगा।

ग्रेटर नोएडा: केन्द्र सरकार ने देश में जबसे नागरिकता संशोधन कानून लागू किया है तभी से पूरे देश में सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हालांकि सीएए और एनआरसी बिल्कुल अलग हैं, एनआरसी का अभी तक सरकार कोई प्रस्ताव भी नही लाई लेकिन विपक्षी पार्टियों और कुछ मुस्लिम समुदाय के संगठनों ने ऐसी अफवाह फैलाई कि एनआरसी का जमकर विरोध शुरू हो गया है। नतीजा ये है कि अब किसी गांव में कोई सरकारी विभाग का कर्मचारी कोई सर्वे करने पंहुचता है तो उसे NRC का सर्वेयर समझकर पीट दिया जाता है। एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के नोएडा से आया है। बताया गया कि यूपी के गौतम बुद्धनगर जिले के ग्रेटर नोएडा में बुधवार को एक सरकारी कर्मचारी आर्थिक जनगणना करने के लिए गांव में गया था। लेकिन ग्रामीणों ने कर्मचारी को NRC या नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस के लिए सर्वे करने वाला समझ लिया और उसपर हमला कर दिया। सरकारी कर्मचारी को एनआरसी सर्वेयर समझते ही गांव भर में यह अफवाह फैल गई और गांव वाले आक्रोशित हो गये। आपको बता दें कि यह गांव मुस्लिम बहुल आबादी वाला है। इस गांव का नाम छौलस है। सरकारी कर्मी की शिकायत पर इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति पर नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आपको बता दें कि ​अभी भी पूरे देश में एनआरसी को लेकर बहस चल रही है। दिल्ली के शाहीनबाग में तो दो महीने से प्रदर्शनकारी महिलाएं धरने पर बैठी है। उनका कहना है कि जबतक सरकार सीएए और एनआरसी वापस नही लेती तबतक धरना चलता रहेगा। गृह मंत्री अमित शाह भी लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान ये कह चुके हैं कि पूरे देश में एनआरसी लागू होगा और देश में गैरकानूनी तरीके से रह रहे बाहरी लोगों को निकाला जाएगा। बता दें कि एनआरसी यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस के जरिए भारत में अवैध तरीके से रह रहे घुसपैठियों की पहचान की जाती है और उन्हे देश से भगाया जायेगा।