UP: जब नाबालिग रेप पीड़िता ने बच्चे को दिया जन्म तब हुई घटना की जानकारी, 2 पर मुकदमा

rape
मां की सह पर कलयुगी बाप बेटी को बनाता रहा अपनी हवस का शिकार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में उस वक्त परिजनों और पुलिस के होश उड़ गये जब​ नाबालिग रेप पीड़ित बच्ची ने एक बच्चे को जन्म दिया। पुलिस द्वारा बताया गया​ कि दो युवकों ने जबरन घर में घुसकर एक नाबालिग बच्ची से रेप किया था, लेकिन जान से मारने की धमकी के डर से बच्ची ने न तो ये बात अपने परिजनो को बतायी और न ही पुलिस को। जब उसे प्रसव पीड़ा हुई तब परिजनो को जानकारी हुई। हालांकि परिजनो का कहना है कि उन्होने ​पहले भी शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने इज्जत की दुहाई देते हुए परिजनो वापस कर दिया था।

Up Information About The Incident When The Minor Rape Victim Gave Birth To The Child Sued 2 :

पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार ने शनिवार को बताया कि गुरुवार को पेट दर्द की शिकायत होने पर एक 17 साल की नाबालिग लड़की को उसके परिजन सरकारी अस्पताल लेकर आए, जहां उसने कुछ देर बाद ही एक बच्चे को जन्म दिया। उन्होने बताया कि करीब सात-आठ महीने पहले नाबालिग लड़की से उसी गांव के दो युवकों ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया था, लेकिन आरोपियों की धमकी से डरी लड़की ने घटना की जानकारी पुलिस या परिजनों को नहीं दी थी। अब प्रसव के बाद जयचंद्र और शिवानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। दोनों आरोपी गांव से फरार हैं, उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है।

वहीं पीड़िता के पिता कहना है कि जब उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी तो उसके दूसरे दिन ही वह बेटी को लेकर शहर कोतवाली गए थे, लेकिन तब तत्कालीन कोतवाल साहब ने इज्जत की दुहाई देकर मुकदमा नहीं दर्ज कराने को कहा और वापस भेज दिया था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में उस वक्त परिजनों और पुलिस के होश उड़ गये जब​ नाबालिग रेप पीड़ित बच्ची ने एक बच्चे को जन्म दिया। पुलिस द्वारा बताया गया​ कि दो युवकों ने जबरन घर में घुसकर एक नाबालिग बच्ची से रेप किया था, लेकिन जान से मारने की धमकी के डर से बच्ची ने न तो ये बात अपने परिजनो को बतायी और न ही पुलिस को। जब उसे प्रसव पीड़ा हुई तब परिजनो को जानकारी हुई। हालांकि परिजनो का कहना है कि उन्होने ​पहले भी शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने इज्जत की दुहाई देते हुए परिजनो वापस कर दिया था। पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार ने शनिवार को बताया कि गुरुवार को पेट दर्द की शिकायत होने पर एक 17 साल की नाबालिग लड़की को उसके परिजन सरकारी अस्पताल लेकर आए, जहां उसने कुछ देर बाद ही एक बच्चे को जन्म दिया। उन्होने बताया कि करीब सात-आठ महीने पहले नाबालिग लड़की से उसी गांव के दो युवकों ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया था, लेकिन आरोपियों की धमकी से डरी लड़की ने घटना की जानकारी पुलिस या परिजनों को नहीं दी थी। अब प्रसव के बाद जयचंद्र और शिवानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया है। दोनों आरोपी गांव से फरार हैं, उनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। वहीं पीड़िता के पिता कहना है कि जब उनकी बेटी के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी तो उसके दूसरे दिन ही वह बेटी को लेकर शहर कोतवाली गए थे, लेकिन तब तत्कालीन कोतवाल साहब ने इज्जत की दुहाई देकर मुकदमा नहीं दर्ज कराने को कहा और वापस भेज दिया था।