यूपी इंवेस्टर्स समिट 2018 के नाम पर जमकर हुई लूट, 100 रुपए का काम फूंक डाले 250

यूपी इंवेस्टर्स समिट 2018 के नाम पर जमकर हुई लूट, 100 रुपए का काम फूंक डाले 250
यूपी इंवेस्टर्स समिट 2018 के नाम पर जमकर हुई लूट, 100 रुपए का काम फूंक डाले 250

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीती 21-22 फरवरी को हुए इन्वेस्टर्स समिट में सरकारी मशीनरी ने जिस तरह शहर को दुल्हन की तरह सजाया था, ठीक उसी तरह सरकारी धन का दुरुपयोग भी किया गया। लखनऊ शहर को चमकाने में स्ट्रीट लाइट्स में जो एलईडी स्ट्रिप लगाई गयी थीं, उन्हे नगर निगम ने किराये पर लिया था। किराये की रकम पर अगर गौर किया जाये तो इससे कम कीमत में एलईडी स्ट्रिप खरीदी जा सकती थीं। तंगहाल नगर निगम की ये दरियादिली उसके चहेते ठेकेदारों के लिए वरदान साबित हुई।

इस कीमत में किराये पर खरीदी गयी एलईडी स्ट्रिप लाईट्स-

आमतौर पर बाजार में एलईडी स्ट्रिप की कीमत 30 से 50 रुपये प्रति मीटर है। अगर इन लाईट्स को थोक में बाज़ार की क़ीमत पर खरीदा गया होता, तो कीमत 15.34 लाख रुपये होती। लेकिन, नगर निगम ने लाईट्स को 99 रुपये प्रति मीटर के हिसाब से किराये पर लेना फ़ायदे का सौदा समझा। यही नहीं, नगर निगम ने इसके लिए एक मात्र ठेकेदार पर मेहरबानी दिखाई। हद तो तब हो गई जब ठेकेदार को लाईट्स लगाने के लिए नगर निगम ने अपने हाइड्रोलिक लिफ्ट वाहन भी उपकार के रूप में दे डाले। इन वाहनों के डीजल का खर्च तक खुद निगम ने वहन किया। इन्वेस्टर्स समिट में केवल एलईडी स्ट्रिप पर ही करीब 38 लाख रुपये का खर्च आया। जो अनुमानित ख़र्चे से 25 लाख रुपए ज़्यादा है।

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सरकारी आदेश हुए दरकिनार-

योगी सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है कि एक लाख रुपये से ऊपर के कार्यों की ई-टेंडरिंग कराई जाए, लेकिन इंवेस्टर्स समिट के लिए इस क़ानून को ताक पर रख दिया गया। शहर की साजसज्जा से लेकर तमाम विकास कार्यों को वर्क ऑर्डर पर डीएसयू पैटर्न पर अंजाम दिया गया। जिसका फ़ायदा नगर निगम ने भी उठाया और लाइटिंग के लिए चार से पांच लाख के आठ अलग-अलग वर्क ऑर्डर जारी कर दिए। इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 2557 पोल पर एलईडी स्ट्रिप लगाई गई थीं। कुल 38355 मीटर एलईडी स्ट्रिप के लिए अब 3799305 रुपये का भुगतान किया जाना है। यह काम खन्ना इलेक्ट्रिकल्स नाम की फ़ार्म को दिया गया था।

फुलवाड़ी और सड़क के किनारे पौधारोपण में भी घोटाले की आशंका-

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यूपी सरकार ने इंवेस्टर्स समिट के नाम पर जिस तरह से पैसा पानी की तरह बहाया, उसमें एक मोटी रक़म भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी है। सड़कों के किनारे गमले रखने से लेकर ख़ाली पड़ी जगहों को रातों रात हरित पट्टी में बदलने के लिए करोड़ों रुपए ख़र्च किए गए। 15 दिनों में ही इन हरित पट्टियों की हालत ख़राब हो चुकी है। पौधे रखरखाव की कमी से सूख चुके हैं, या सूखने वाले हैं। जो घास हरियाली का प्रतीक थी वह सूख चुकी है। ये सभी काम भी ठेके पर ही करवाए गए हैं। जल्द ही इन ठेकों में भी बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आने वाला है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीती 21-22 फरवरी को हुए इन्वेस्टर्स समिट में सरकारी मशीनरी ने जिस तरह शहर को दुल्हन की तरह सजाया था, ठीक उसी तरह सरकारी धन का दुरुपयोग भी किया गया। लखनऊ शहर को चमकाने में स्ट्रीट लाइट्स में जो एलईडी स्ट्रिप लगाई गयी थीं, उन्हे नगर निगम ने किराये पर लिया था। किराये की रकम पर अगर गौर किया जाये तो इससे कम कीमत में एलईडी स्ट्रिप खरीदी जा सकती थीं। तंगहाल नगर निगम की ये…
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