पीएम मोदी का इज़राइली करार यूपी जल निगम के लिए बेकार

यूपी जल निगम
पीएम मोदी का इज़राइली करार यूपी जल निगम के लिए बेकार

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इज़राइल के पीएम नेतन्याहू के बीच हुए 9 करारों में सबसे अहम करार पेयजल और अपशिष्ट जल को पुन:प्रयोग हेतु बनाने को लेकर है। जहां सारी दुनिया रेगिस्तानों से घिरे इज़राइल की पानी को लेकर आत्म निर्भरता का लोहा मानती है, जिसकी वजह वह तकनीकी है जिसके बूते इज़राइल हर बूंद पानी का अधिकतम यूज करने की क्षमता को विकसित कर चुका है। यही वजह है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भविष्य में संभावित पेयजल की कमी को ध्यान में रखते हुए इज़राइल से करार किया है।

पीएम मोदी की यह दूरदर्शिता भाजपा शासित उत्तर प्रदेश के जल निगम की नजर में मूर्खता है। एक हिन्दी दैनिक में प्रकाशित खबर में यूपी जल निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी के बयान का जिक्र किया गया है। जिसमें अधिकारी ने कहा है कि इज़राइल की तकनीकि का भारत को कोई लाभ नहीं हो सकता। खारे पानी को पेयजल में बदलने की तकनीकि के अलावा सारी तकनीकि जल निगम पहले से प्रयोग कर रहा है। रही बात खारे पानी को पेयजल में बदलने की तो भारत जैसे देश में इस तकनीकि का प्रयोग गैरजरूरी नजर आता है।

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इतना ही नहीं यूपी जल निगम के इस वरिष्ठ अधिकारी का मानना तो यह तक है कि इज़राइल 80 लाख की आबादी वाला पिछड़ा और गरीब देश है। जल निगम के इस अधिकारी का ज्ञान तब चौंकाता है जब इज़राइल की क्षमता और आत्मनिर्भरता को देखा जाए। इज़राइल की सुरक्षा तकनीकि का लोहा विश्व की महाशक्ति कहलाने वाला देश अमेरिका तक मानता है, लेकिन यूपी जल निगम के लिए इज़राइल पिछड़ा और गरीब है। शायद इन महाशय ने इज़राइल का दौरा किया होगा क्योंकि तीन महीने पहले ही यूपी जल निगम से तीन लोगों की टीम जिसमें निगम के चेयरमैन, निगम के एमडी और एक अन्य सीनियर इंजीनियर अध्ययन के लिए इज़राइल गए थे। संभव है कि जल निगम का वह वरिष्ठ अधिकारी इन तीनों ही जिम्मेदार लोगों में से ही होगे, जिन्होंने इज़राइल का अध्ययन करीब से किया है।

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लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इज़राइल के पीएम नेतन्याहू के बीच हुए 9 करारों में सबसे अहम करार पेयजल और अपशिष्ट जल को पुन:प्रयोग हेतु बनाने को लेकर है। जहां सारी दुनिया रेगिस्तानों से घिरे इज़राइल की पानी को लेकर आत्म निर्भरता का लोहा मानती है, जिसकी वजह वह तकनीकी है जिसके बूते इज़राइल हर बूंद पानी का अधिकतम यूज करने की क्षमता को विकसित कर चुका है। यही वजह है प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भविष्य में संभावित पेयजल की…
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