जल निगम में 1300 पदों पर हुई भर्ती पर लटकी तलवार, SIT जांच के आदेश

लखनऊ। यूपी सरकार का भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का अभियान लगातार जारी है। जल निगम में 1300 पदों पर हुई भर्ती पर अब तलवार लटकती नजर आ रही है। भर्ती में हुई धांधली के चलते इसकी जांच विशेष अनुशंधान दल(एसआईटी) को सौप दी गयी हैं। भर्ती में हुई धांधली को लेकर जल निगम के प्रबंध निदेशक वाई.के. जैन ने गृह विभाग को पत्र लिखकर एसआईटी जांच का अनुरोध किया था।

पत्र के आधार पर गृह विभाग के सचिव भगवान स्वरूप ने 1300 पदों पर हुई भर्तियों की जांच एसआईटी को सौंप दी है। उन्होंने अपर पुलिस महानिदेशक एसआईटी को पत्र लिखकर जांच कराते हुए रिपोर्ट गृह विभाग को जल्द उपलब्ध कराने को कहा है।

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सपा सरकार में हुई थीं भर्तियां—

सपा सरकार में यूपी जल निगम में रिक्त अभियंताओं और लिपिक के पदों पर भर्तियां की गई थीं।
जल निगम में होने वाली भर्तियों का अधिकार चेयरमैन के पास है।
तत्कालीन सपा सरकार ने जल निगम में सहायक अभियंता के 122, अवर अभियंता के 853 और नैत्यिक लिपिक के 325 पदों पर विज्ञापन निकालते हुए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई।
भर्तियों में मनमानी और चहेतों को नियुक्ति देने के आरोप लगे।
चयन सूची के आधार पर फरवरी 2017 में नियुक्ति पत्र जारी किया गया, लेकिन उत्तरकुंजी व उत्तर पुस्तिका को आनलाइन नहीं किया गया।
इसे ऑनलाइन किए जाने की मांग भी उस समय अनदेखी कर दी गई थी।

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