यूपी जल निगम भर्ती घोटाला: SIT ने आजम खां पर एफ़आईआर दर्ज कराने की मांगी अनुमति

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यूपी जल निगम भर्ती घोटाला: SIT ने आजम खां पर एफ़आईआर दर्ज कराने की मांगी अनुमति

लखनऊ। पूर्व में समाजवादी सरकार में मंत्री रहे आजम खान की मुश्किले बढ़ गयी हैं। यूपी जल निगम में 1300 पदों पर भर्तियों की जांच कर रही एसआईटी ने पूर्व मंत्री आजम खां और जल निगम के पूर्व एमडी पीके आसूदानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए शासन से अनुमति मांगी है। अपनी रिपोर्ट में एसआईटी ने कहा है कि आजम के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों के पर्याप्त सबूत हैं। एसआईटी इंचार्ज आलोक प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अभियोग चलाने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। इस मामले में पूर्व मंत्री के अलावा ओएसडी मोहम्मद आफाक, चीफ इंजीनियर एके खरे के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू करने की अनुमति मांगी गई है।

जल निगम में सपा कार्यकाल के दौरान 1300 पदों पर हुई भर्तियों में घोटाले का आरोप लगने पर योगी सरकार ने पूरे प्रकरण की जांच एसआइटी को सौंपी थी। पूरे मामले में नगर विकास विभाग के पूर्व सचिव एसपी सिंह की भूमिका भी सवालों के घेरे में रही है। एसआइटी ने एसपी सिंह के भी बयान दर्ज किए थे। सूत्रों का कहना है कि जांच में भर्ती प्रकिया से जुड़ी किसी पत्रावली में एसपी सिंह के हस्ताक्षर नहीं पाए गए थे।

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बता दें कि 22 सितंबर 2017 को एसआइटी ने जल निगम मुख्यालय में पहुंचकर छानबीन करने के साथ ही भर्ती से संबंधित मूल पत्रावलियां कब्जे में ली थीं। तत्कालीन एमडी सहित अन्य अधिकारियों के बयान दर्ज करने के बाद एसआइटी ने जनवरी 2018 में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां के बयान दर्ज किए थे। हालांकि आजम खां ने अपने बयानों में एमडी द्वारा उनसे धोखे में रखकर पत्रावलियों पर हस्ताक्षर करा लिए जाने की बात कही थी।

बताते चलें कि साल 2016 में तत्कालीन मंत्री आजम खां जल निगम बोर्ड के चेयरमैन भी थे। इसी दौरान 122 सहायक अभियंता, 853 अपर अभियंता, 335 नैतिक लिपिक और 32 आशुलिपिक समेत 1300 पदों पर भर्तियां की गयी थीं। भर्ती प्रक्रिया के लिए वित्त विभाग से अनुमति नहीं ली गयी थी। सरकार के बजाय जल निगम के चेयरमैन के स्तर पर ही भर्ती की मंजूरी दी गयी थी। योगी सरकार इस मामले में 122 सहायक अभियन्ताओं को पहले ही बर्खास्त कर चुकी है।

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लखनऊ। पूर्व में समाजवादी सरकार में मंत्री रहे आजम खान की मुश्किले बढ़ गयी हैं। यूपी जल निगम में 1300 पदों पर भर्तियों की जांच कर रही एसआईटी ने पूर्व मंत्री आजम खां और जल निगम के पूर्व एमडी पीके आसूदानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए शासन से अनुमति मांगी है। अपनी रिपोर्ट में एसआईटी ने कहा है कि आजम के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों के पर्याप्त सबूत हैं। एसआईटी इंचार्ज आलोक प्रसाद ने अपनी रिपोर्ट में…
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