यूपी: जेवर की एसडीएम कोरोना संक्रमित, अस्‍पताल में भर्ती

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Coronavirus: राजधानी दिल्ली में मिले 1,192 नए संक्रमित, 23 लोगों की मौत

नोएडा। उत्तर प्रदेश में भी कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसको लेकर वह अधिकारियों के साथ बैठक करके उन्हें दिशा निर्देश भी दे रहे हैं। वही, इस बीच जेवर की एसडीएम गुंजा सिंह की कोरोना संक्रमित पाई गईं हैं।

Up Jewars Sdm Gunja Singh Corona Infected Admitted To Hospital :

रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, इस बीच जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गयी है। हालांकि ठीक होने की रफ्तार भी काफी अच्छी है। रोजाना कई मरीज यहां से ठीक होकर घर जा रहे हैं। रविवार को जिले में 82 कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं।

वहीं इस महामारी को मात देने वालों की संख्‍या भी नए मरीजों से ज्‍यादा रही। 82 नए मरीज आए तो 83 मरीजों ने कोरोना महामारी को मात देकर घर गए। रविवार को एक मरीज की मौत के कारण जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है।

सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के आइसोलेशन बिस्तरों पर 910 सक्रिय मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बता दें कि इधर, कुछ कोविड अस्पताल अधर में लटके हैं तो कुछ तैयार हैं, लेकिन डॉक्टरों के अभाव में यहां मरीजों का इलाज शुरू करने में परेशानी हो रही है।

नोएडा। उत्तर प्रदेश में भी कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार प्रयास कर रहे हैं। इसको लेकर वह अधिकारियों के साथ बैठक करके उन्हें दिशा निर्देश भी दे रहे हैं। वही, इस बीच जेवर की एसडीएम गुंजा सिंह की कोरोना संक्रमित पाई गईं हैं। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें यशोदा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, इस बीच जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी देखी गयी है। हालांकि ठीक होने की रफ्तार भी काफी अच्छी है। रोजाना कई मरीज यहां से ठीक होकर घर जा रहे हैं। रविवार को जिले में 82 कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। वहीं इस महामारी को मात देने वालों की संख्‍या भी नए मरीजों से ज्‍यादा रही। 82 नए मरीज आए तो 83 मरीजों ने कोरोना महामारी को मात देकर घर गए। रविवार को एक मरीज की मौत के कारण जिले में कोरोना से मरने वालों की संख्या 22 हो गई है। सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों के आइसोलेशन बिस्तरों पर 910 सक्रिय मरीजों का इलाज किया जा रहा है। बता दें कि इधर, कुछ कोविड अस्पताल अधर में लटके हैं तो कुछ तैयार हैं, लेकिन डॉक्टरों के अभाव में यहां मरीजों का इलाज शुरू करने में परेशानी हो रही है।