UP: कर्जमाफी से किसानों को राहत लेकिन कब मिलेगा चीनी मिलों पर बकाया 2428 करोड़

Up Karjmafi Se Kisano Ko Raahat Lekin Kab Milegia Chini Milon Par Bakaya 2428 Carore

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शपथ ग्रहण के बाद से ही सूबे के किसानों को राहत देने का सिलसिला शुरू हो चुका है। सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में किसानों को राहत पहुंचाने के लिये छोटे और सीमांत किसानों के 1 लाख तक के कर्ज को माफ़ करने का फैसला लिया। वहीं दूसरी ओर यूपी के चीनी मिल मालिकों को गन्ना खरीद की कीमत 15 दिनों के भीतर चुकाने का निर्देश देकर गन्ना किसान को सहूलियतें दीं हैं। गन्ना किसानों का भी मानना है कि वर्तमान स्थिति पहले से बेहतर है लेकिन सवाल उनके पुराने बकाया करीब 2428 करोड़ को लेकर बना हुआ है।



किसानों के लिए राहत की बात यह है कि योगी सरकार राज्य चीनी निगम और सहकारी क्षेत्र की बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने जा रही है। गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने बताया कि अभी के समय में किसान हमारे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बंद चीनी मिलों को शुरू करने के लिए हम जल्द ही पहल करने जा रहे है।



साथ ही सुरेश राणा ने भ्रष्ट अधिकारियों को चेतावनी देते हुआ कहा कि सहकारी चीनी मिल संग में पिछले दिनों हुई भर्तियों की जांच कराई जायेगी। गौरतलब है कि सहकारी चीनी मिल संघ में गन्ना अधिकारी, केमिस्ट, सहायक अभियंता, अवर अभियंता समेत कई पदों पर बड़े स्टार पर भर्तियां हुई हैं।




चीनी मिलों के सामने भी है समस्या—

चीनी मिलों के मालिकों के पक्ष को जानने की कोशिश की तो सामने आया कि किसानों को 15 दिनों के भीतर भुगतान करने का नियम पुराना है। चीनी मिलें साल में छह महीने ही गन्ने की खरीद और पिराई करतीं हैं जबकि उनका प्रोडक्शन पूरे साल में बिक पाता है। चूंकि गन्ने का भुगतान तुरंत करने के बाद उससे बनने वाली चीनी के बिकने में समयअंतराल ज्यादा होने के कारण सभी किसानों को भुगतान कर पाना मिल मालिकों की क्षमता से बाहर हो जाता है। गन्ना किसानों को तुरंत भुगतान करने के लिए चीनी मिल मालिकों को बैंकों पर निर्भर रहना पड़ता है। बैंक भी चीनी के दामों में होने वाली उठा पटक के चलते चीनी मिलों को अधिक ऋण देने को तैयार नहीं होते।

लखनऊ। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शपथ ग्रहण के बाद से ही सूबे के किसानों को राहत देने का सिलसिला शुरू हो चुका है। सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में किसानों को राहत पहुंचाने के लिये छोटे और सीमांत किसानों के 1 लाख तक के कर्ज को माफ़ करने का फैसला लिया। वहीं दूसरी ओर यूपी के चीनी मिल मालिकों को गन्ना खरीद की कीमत 15 दिनों के भीतर चुकाने का निर्देश देकर गन्ना किसान को सहूलियतें दीं हैं। गन्ना…