यूपी में बाहुबलियों को जेल प्रशासन दे रहा ‘संजीवनी’

लखनऊ। यूपी की सत्ता में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के आने के बाद से कई बड़े बदलाव नजर आ रहे हैं। सीएम योगी के कड़े तेवर देखते हुए यूपी की नौकरशाही में भी बड़ा बदलाव नजर आया। इस बदलाव की बानगी पुलिस महकमे और जेल प्रशासन में खासा देखने को मिली। सीएम योगी के सत्ता में काबिज होने के बाद ही तिहाड़ जेल में बाहुबलियों के स्थानांतरण का काम शुरू हुआ। हालांकि जब इस बात का रियलिटी चेक किया गया कि क्या जिन जेलों में इन वांटेड अपराधियों को रखा जा रहा है वो कितनी सेफ हैं, तो कई बड़ी खामियां सामने आई। पर्दाफाश आज आपको बताने जा रहा है कि जिन जेलों में बाहुबलियों को शिफ्ट किया गया, वो आखिर कितनी सेफ हैं।


तीन दिन में 30 अपराधी दूसरी जेल में शिफ्ट

सत्ता परिवर्तन होते ही जेल प्रशासन ने 3 दिन में 30 अपराधियों की दूसरी जेल में शिफ्ट किया। आपको बता दें कि कई बार जेल में मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े होते रहे हैं और छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन बरामद भी हो चुके हैं। खास बात यह है कि अत्याधिक सुरक्षित मानी जानी वाली जेलों में अपराधी मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे।

सबसे चौंकाने वाली बात है कि जेल प्रशासन इस बात का दावा करता है कि ज़्यादातर तिहाड़ जेलों को जैमर से लैस कर दिया गया है, लेकिन हाल ही में जिन अपराधियों को दूसरी जेल में शिफ्ट किया गया है, वहां पर जैमर नहीं लगे हैं, ऐसे में जेल प्रशासन की कार्यशैली पर कई बड़े सवाल खड़े होते हैं।


ये लोग दूसरी जेलों में हुए शिफ्ट–

बाहुबली मुख्तार अंसारी–मुख्तार अंसारी अभी तक लखनऊ जेल में बंद थे, लेकिन अब उन्हे बांदा जेल में शिफ्ट किया गया है। आपको बता दें कि लखनऊ जेल में जैमर लगे हैं, लेकिन बांदा जेल में अभी तक जैमर नहीं लग सका है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि जेल प्रशासन ने अपराधियों पर मेहबानी दिखाते हुए उन्हे संजीवनी देने का काम किया है।

अतीक अहमद—वहीं इस लिस्ट में बाहुबली अतीक अहमद का नाम भी शामिल है। अतीक को इलाहाबाद की नैनी जेल से देवरिया भेजा गया है। इस जेल मे भी अभी तक जैमर नहीं लग सका है।


इन जेलों को जैमर से लैस किया गया–

एडीजी जेल जेएल मीणा का कहना है कि यूपी में एक आदर्श कारागार और पांच केंद्रीय कारागार सहित कुल 70 कारागार हैं। अभी तक 12 जेलों को ही जैमर से लैस किया जा सका है, जिनमें मुजफ्फरनगर, वाराणसी, मिर्जापुर, सुल्तानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर, नैनी, इलाहाबाद, प्रतापगढ़ और गोरखपुर जेल शामिल हैं।


यहां चल रहा है जैमर लगाने का काम–

वहीं 12 जेलों में जैमर लगाने का काम चल रहा है। इनमें जिला कारागार अलीगढ़, एटा, मुरादाबाद, बुलंदशहर, फिरोजाबाद, इटावा, बांदा, मैनपुरी, झांसी, जौनपुर, बलिया और केंद्रीय कारागार बरेली शामिल हैं।