UP पुलिस से नाराज फौजी का ऐलान, ‘पानसिंह तोमर’ बनकर लेगा डकैतों से बदला

लखनऊ। एक तरफ भारतीय फौज सीमा पर दुश्मनों से लोहा ले रही है वहीं सीमा पर तैनात एक भारतीय फौजी ने नौकरी छोड़कर ‘पानसिंह तोमर’ बनने की धमकी दे डाली। राजस्थाना बार्डर पर तैनात फौजी अपने घर में पड़ी लाखों की डकैती से नाराज है, उसका कहना है कि पुलिस मामले का खुलासा करने की बजाए उल्टा उसकी बेइज्जती कर रही है। फौजी का कहना है कि अगर वो ‘पानसिंह तोमर’ बना तो उसके लिए यूपी पुलिस जिम्मेदार होगी।

फौजी का नाम उमेश सिंह है, जो कि मौजूदा वक्त में पाकिस्तान सीमा से सटे राजस्थान बार्डर पर तैनात है। उमेश सिंह यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली से बेहद नाराज है और इसी के चलते उसने फौज की नौकरी छोड़कर पानसिंह तोमर बनने की धमकी दी है। दरअसल,यूपी के शाहजहांपुर के थाना सिंधौली कस्बे के रहने वाले सैनिक उमेश सिंह के बूढ़े मां-बाप यहां अकेले रहते है। 5 अक्टूबर 2016 को हथियारबन्द डकैतों ने घर मे घुसकर फौजी के परिवार को बन्धक बनाकर लगभग पांच लाख के जेबर और नकदी लूट ली थी, साथ ही उसकी लाईसेन्सी बन्दूक भी अपने साथ लूटकर फरार हो गए थे। बार्डर पर तैनात फौजी को जैसे ही डकैती की खबर मिली वो छुटटी लेकर घर पहुंचा।




डकैती की मुखबरी करने वाले युवक सहित तीन लोगो को इस फौजी ने अपने स्तर पर पकड़कर पुलिस को सौंपा लेकिन पुलिस ने सपा नेता के फोन पर ही तीनों आरोपियों को थाने से छोड़ दिया। इसके बाद जब ये फौजी एसपी के पास मदद की गुहार लगाने के लिए गया तो एसपी ने कोई कार्रवाई करने के बजाए फौजी को जमकर बेइज़्ज़त किया। पुलिस की बेइज्जती से नाराज फौजी ने फैसला किया कि वो फौज की नौकरी छोड़कर पान सिंह तोमर बनकर डकैतो को अपने ढंग से सजा देगा।




फौजी उमेश सिंह का कहना है कि उसे कई बार सीमा पर आतंकियों को ढेर किया और दुश्मनों को मुंह की खिलाई है लेकिन वो अपने ही देश में पुलिस और नेताओं के सामने हार गया। यहां पुलिस नेताओं के दबाव में अपराधियो को छोड़ रही हैं। उसका कहना है कि अगर वो पान सिंह तोमर बनता है तो इसके लिए पुलिस जिम्मेदार होगी।

उमेश सिंह फौजी पिछले कई दिनों से थाने और पुलिस के अधिकारियो के चक्कर काट रहा है लेकिन उसकी सुनने वाला कोई नही है। ये फौजी पुलिस को मुखबिरी करने वाले का नाम बता रहा है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नही की गई। फौजी के पिता अपने बेटे के फैसले के साथ में खड़े होने की बात कर रहे हैं।