रबी की बुआई के लिए किसानों को पुराने नोटों चलाने की छूट दे केंद्र सरकार

लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 500 व 1000 रुपये के नोट को अमान्य घोषित करने के फैसले पर समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने जोरदार हमला बोला है। शिवपाल ने इस फैसले को गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए दुखदाई करार देते हुए मोदी सरकार को किसान विरोधी बताया है। साथ ही शिवपाल ने केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर से किसानों को पुराने नोटों के प्रयोग की छूट देने की अपील की है।





केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के अचानक 500 व 1000 रुपये के नोट बंद करने से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब व मजदूर वर्ग के लोगों को उठाना पड़ रहा है। जहां गरीब लोगों के सामने रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के लिए नकदी की भयंकर समस्या आ खड़ी हुई है। वहीं दिहाड़ी मजदूरों को काम मिलने में भी दिक्कत आ रही है। इस वजह से इन लोगों के लिए भूखों मरने की नौबत आने लगी है। केंद्र सरकार को इन लोगों की ओर भी गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

शिवपाल ने कहा कि प्रचलित नोट पर अचानक रोक लगाने के कारण किसान रबी की बुवाई के वक्त खाद, बीज, कीटनाशक जैसी अपरिहार्य वस्तुओं की खरीद नहीं कर पा रहा है। किसान घंटों सहकारी समितियों एवं दुकानों के बाहर लाइन लगाकर खड़े रहने के बावजूद चार बोरी खाद व बीज खरीद नहीं पा रहा है, क्योंकि उसके पास नई मुद्रा उपलब्ध नहीं है।

उन्होंने कहा कि जनता तक नई नोट पहुंचाने में केंद्र सरकार बुरी तरह असफल हो चुकी है। ग्रामीण बैकों व जिला सहकारी बैंकों में अभी तक नई मुद्रा रिजर्व बैंक द्वारा नहीं भेजी गई है। शिवपाल ने कहा कि इन कमियों एवं संकट के कारण केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर रबी के फसलों की बुवाई पूर्ण होने तक किसानों को 500 और 1000 के पुराने नोटों के प्रयोग की छूट देने का कष्ट करें और सभी सहकारी बैंकांे सहकारी समितियों एवं उन सभी संस्थाओं को पुराने नोटों को लेने का स्पष्ट निर्देश दें, जहां से किसान बीज, खाद, कीटनाशक एवं कृषि यंत्रों की खरीद करता है।




शिवपाल ने कहा कि रबी के फसलों के बुवाई के वक्त अचानक करेंसी के स्वाभाविक चलन को बाधित कर एवं किसानों को छूट न देकर मोदी सरकार ने साबित कर दिया है कि उसका किसानों, गरीबों और कृषि के प्रति ²ष्टिकोण नकारात्मक है। उन्होंने कहा कि किसान भाजपा की वरीयता से बाहर है। इस निर्णय से बुवाई पिछड़ गई है, जिससे कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

Loading...