बागपत में बैंक के बाहर खड़ी भीड़ पर पुलिस ने खूब बरसाई लाठियां

लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि नोटबंदी से परेशान राज्य की जनता को प्रदेश सरकार हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए उसके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों व पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिये हैं कि वे नोटबंदी की समस्या से परेशान किसानों, गरीबों, मजदूरों, महिलाओं सहित जनता के सभी वर्गों के साथ सहानुभूति एवं संवेदनशीलता के साथ पेश आएं और अपने मातहतों को भी ऐसे निर्देश दें। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को आगाह किया है कि नोटबंदी के मामले में जनता के साथ अशोभनीय व्यवहार पर जिम्मेदार कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उत्तर प्रदेश के बागपत में पुलिस ने अखिलेश यादव के आदेश को दरकिनार करते हुए बैंक के बाहर खड़ी भीड़ पर जमकर लाठियां बरसाई।




बागपत के सराय क्षेत्र में नोट बदलने के लिए ‘बैंक के बाहर कतार में लगे लोगों के हंगामा मचाने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। पुलिस द्वारा किए गए इस लाठीचार्ज में कई लोग घायल हो गए। लाठीचार्ज से नाराज पुलिस अधीक्षक ने निरीक्षक को लाइन हाजिर’ और चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि क्षेत्र में स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर नोट बदलने के लिए ‘कतार मे लगे लोगों के बीच मारपीट और हंगामा होने पर अफरातफरी मच गई। जिसके बाद पुलिस ने युवकों और महिलाओं पर लाठीचार्ज कर दिया जिससे कई लोग घायल हो गए।



गुस्साई भीड़ ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बैंक के बाहर लगाई बेरिकेड़िंग तोड़ दी। पुलिस लाठी चार्ज में प्रदीप अहीर, सोनू पुठद, श्मसीदा, अशोक, नोसाद, काुबैर आदि गम्भीर रूप से घायल हो गए। घायलों को निजी अस्पताल में उपचार दिलाया गया। सूचना पाकर पुलिस क्षेत्राधिकारी राजबीर सिंह भी मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी लेकर बैंक के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। क्षेत्राधिकारी की रिपोर्ट पर पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी निरीक्षक रणवीर सिंह यादव को लाइन हाजिर कर ‘दिया और दारोगा राकेश यादव को निलंबित कर दिया। क्षेत्राधिकारी ने बताया, आरोपी होमगार्ड अनिल और सतीश के खिलाफ कमांडेंट को रिपोर्ट भेजी गई है।

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