महिला को भुगतना पड़ रहा है डॉक्टरों की लापरवाही का खामियाजा, हाथ काटने की नौबत

नोएडा। उत्तर प्रदेश के जनपद गौतमबुद्ध नगर के जेवर के सरकारी अस्पताल में डाक्टरों की लापरवाही का खामियाजा एक महिला को भुगतना पड़ रहा है। नसबंदी के बाद महिला के हाथ में दर्द की शिकायत होने पर दिल्ली के एम्स अस्पताल में जांच करवाई गई। एम्स के डाक्टर अब महिला के हाथ काटने की बात कह रहे हैं।




परिवार नियोजन योजना के तहत 29 दिसंबर को जेवर स्थित सरकारी अस्पताल में अरच्वद कुमार वैश्य की टीम ने करीब 32 महिलाओं की नसंबदी की। इसमें जेवर के चैराली गांव निवासी सतवीर की पत्नी शशि देवी ने भी नसबंदी करवाई थी। नसबंदी के बाद सभी महिलाओं को घर भेज दिया गया। घर पहुंचने के बाद शशि के बाएं हाथ में दर्द की शिकायत होने लगी। रात में ही परिजन उसे जेवर के अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां कोई डाक्टर मौजूद नहीं था। अगले दिन जेवर के अस्पताल पहुंचने पर उन्हें किसी अन्य अस्पताल में जांच करवाने की सलाह दी गई।




शुक्रवार को परिजन शशि को दिल्ली के एम्स अस्पताल ले गए। एम्स के डाक्टरों ने शशि के हाथ काटने की बात कही। हाथ कटने की बात सुनकर परिजन परेशान हो गए। परिजन कल जेवर स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचे, लेकिन अस्पताल का प्रभारी मौजूद नहीं था। परिजन ने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में परिजन महिला को जहांगीरपुर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहांगीरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. मनोज कुमार कुशवाहा ने महिला को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।

इधर स्वास्थ्य केंद्र के डा. मनोज कुमार कुशवाहा ने कहा कि 29 दिसंबर को 32 महिलाओं की नसबंदी की गई थी। सभी महिलाएं ठीक हैं। शशि को जिला अस्पताल भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी का पता चल सकेगा

Loading...