यूपी में घोटाला किंग बनकर उभरे ये नेता, सीबीआई जोड़ रही कड़ियां

scam-nrhm-babu-singh-kushwaha
यूपी में घोटाला किंग बनकर उभरे ये नेता, सीबीआई जोड़ रही कड़ियां

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में खनन घोटाले के तार सूबे के बहुचर्चित एनआरएचएम और चीनी मिल घोटाले से जुडते नजर आ रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम तत्कालीन बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा का हो सकता है। सीबीआई ने इन तीनों घोटालों की कडियां आपस में जोड़नी शुरू कर दी हैं। आपको बता दें कि सहरानपुर के खनन घोटाले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गयी एफ़आईआर में बाबू सिंह कुशवाहा के कई करीबी लोगों को आरोपी बनाया गया है।

Up Nrhm Khanan Chini Mil Scam :

दरअसल, तीनों घोटालों की अहम कड़ी में एक और नाम जो सामने आ रहा है, वो पूर्व बसपा एमएलसी इकबाल का है। इकबाल के खिलाफ सीबीआई और ईडी की जांच पहले से चल रही है। बसपा सरकार में इकबाल को बाबू सिंह कुशवाहा का बेहद करीबी माना जाता है। ईडी के पास इकबाल से जुड़ी जो शिकायतें हैं, उनमें दावा किया गया है कि एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी बड़ी रकम का निवेश चीनी मिलों की खरीद में किया गया।

ईडी बाबू सिंह कुशवाहा और मोहम्मद इकबाल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की भी पड़ताल कर रही है, जबकि एनआरएचएम घोटाले में बाबू सिंह की कई संपत्तियों को अटैच कर चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि ईडी और सीबीआई को तीनों घोटालों की कड़ियां जोड़ने में दिक्कत नहीं आएगी।

बताते चलें कि इकबाल के खिलाफ सेव इंडिया ग्रुप नाम की संस्था ने अलग-अलग एजेंसियों में शिकायत की थी। इस संस्था ने इकबाल से जुड़े कई साक्ष्य भी सौंपे हैं। उन्हीं के आधार पर एजेंसियां अपने तरीके से पड़ताल कर रही हैं। सेव इंडिया ग्रुप ने आरोप लगाया है कि इकबाल ने दिल्ली समेत कई शहरों में 115 से ज्यादा शैल कंपनियां खोली और उसने इन कंपनियों में करोड़ों के काले धन का निवेश किया। जब एजेंसियों ने इस शिकायत की जांच शुरू की तो पता चला कि ज्यादातर शैल कंपनियों में इकबाल के करीबी, नौकर, खानसामा व चालक डायरेक्टर हैं। जांच में 80 से ज्यादा कंपनियों के पते फर्जी पाए गए।

10 सालों में हुई अरबों की संपत्ति

करीब 10 साल पहले सहारनपुर में फलों की दुकान लगाने वाला मोहम्मद इकबाल आज अरबों का मालिक बन गया। ईडी ने इकबाल द्वारा अपनी यूनिवर्सिटी को दिए गए संदिग्ध डोनेशन और 11 शुगर मिल खरीदने की जांच शुरू की थी, जिसके बाद बाकी एजेंसियों ने भी उसके खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में खनन घोटाले के तार सूबे के बहुचर्चित एनआरएचएम और चीनी मिल घोटाले से जुडते नजर आ रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम तत्कालीन बसपा सरकार में मंत्री रहे बाबू सिंह कुशवाहा का हो सकता है। सीबीआई ने इन तीनों घोटालों की कडियां आपस में जोड़नी शुरू कर दी हैं। आपको बता दें कि सहरानपुर के खनन घोटाले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गयी एफ़आईआर में बाबू सिंह कुशवाहा के कई करीबी लोगों को आरोपी बनाया गया है। दरअसल, तीनों घोटालों की अहम कड़ी में एक और नाम जो सामने आ रहा है, वो पूर्व बसपा एमएलसी इकबाल का है। इकबाल के खिलाफ सीबीआई और ईडी की जांच पहले से चल रही है। बसपा सरकार में इकबाल को बाबू सिंह कुशवाहा का बेहद करीबी माना जाता है। ईडी के पास इकबाल से जुड़ी जो शिकायतें हैं, उनमें दावा किया गया है कि एनआरएचएम घोटाले से जुड़ी बड़ी रकम का निवेश चीनी मिलों की खरीद में किया गया। ईडी बाबू सिंह कुशवाहा और मोहम्मद इकबाल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की भी पड़ताल कर रही है, जबकि एनआरएचएम घोटाले में बाबू सिंह की कई संपत्तियों को अटैच कर चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि ईडी और सीबीआई को तीनों घोटालों की कड़ियां जोड़ने में दिक्कत नहीं आएगी। बताते चलें कि इकबाल के खिलाफ सेव इंडिया ग्रुप नाम की संस्था ने अलग-अलग एजेंसियों में शिकायत की थी। इस संस्था ने इकबाल से जुड़े कई साक्ष्य भी सौंपे हैं। उन्हीं के आधार पर एजेंसियां अपने तरीके से पड़ताल कर रही हैं। सेव इंडिया ग्रुप ने आरोप लगाया है कि इकबाल ने दिल्ली समेत कई शहरों में 115 से ज्यादा शैल कंपनियां खोली और उसने इन कंपनियों में करोड़ों के काले धन का निवेश किया। जब एजेंसियों ने इस शिकायत की जांच शुरू की तो पता चला कि ज्यादातर शैल कंपनियों में इकबाल के करीबी, नौकर, खानसामा व चालक डायरेक्टर हैं। जांच में 80 से ज्यादा कंपनियों के पते फर्जी पाए गए।

10 सालों में हुई अरबों की संपत्ति

करीब 10 साल पहले सहारनपुर में फलों की दुकान लगाने वाला मोहम्मद इकबाल आज अरबों का मालिक बन गया। ईडी ने इकबाल द्वारा अपनी यूनिवर्सिटी को दिए गए संदिग्ध डोनेशन और 11 शुगर मिल खरीदने की जांच शुरू की थी, जिसके बाद बाकी एजेंसियों ने भी उसके खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया था।