एनआरएचएम घोटाला: नसबंदी किट खरीद में हुआ 80 लाख का घपला

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में करोड़ों रुपये के बहुचर्चित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले की जाँच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने नसबन्दी किट खरीदने में अस्सी लाख रुपये का घपला किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। बुधवार को लखनऊ, इलाहाबाद, देहरादून व अमृतसर में हुई छापेमारी के दौरान बरामद हुए दस्तावेजों में घपले के साक्ष्य मिले है। इन दस्तावेजों को लेकर सीबीआई टीम बुधवार रात ही नई दिल्ली रवाना हो गयी। इन दस्तोवजों का परीक्षण किया जा रहा है। इस मामले में कुछ और डाक्टरों, सप्लायर व मेडिकल अफसरों के संलिप्त होने की सम्भावना जतायी जा रही है।

मालूम हो कि सीबीआई ने रायबरेली में नसबंदी किट के वितरण में गोलमाल किये जाने के तीन मामले दर्ज कराये है। इन मामलों से जुड़े 22 ठिकानों पर सीबीआई टीम ने बुधवार को छापे मारे। इनमें लखनऊ में पूर्व सीएमओ डा.एके शुक्ल, डा. प्रदीप मिश्र, दवा सप्लायर अनिल कुमार सिंह, मेडिकल अफसर डा.रिजवान कुरैशी व डाक्टर ओपी वर्मा के आवास व ठिकानों पर छापे मारे गये है। इसके अतिरिक्त अमृतसर की तीन दवा कम्पनियों में ही सीबीआई ने छापेमारी की है। सीबीआई अधिकारियों के मुताबिक वर्ष-2007 से 2010 के दौरान महिलाओं को दी जाने वाली नसबंदी किट खरीद में भारी घपला किया गया है। सूत्रों के मुताबिक घपले में लिप्त डाक्टरों व मेडिकल अफसरों ने अमृतसर की तीन दवा फैक्ट्रियों से फर्जी बिल बनवाये है।




इसके बाद इन बिलों को लगाकर भुगतान कराया गया है। फर्जी बिल बनाने के लिए दवा फैक्ट्रियों व दवा सप्लायरों को दस से पन्द्रह प्रतिशत कमीशन दिया गया है। बाकी पैसे का बंदरबांट डाक्टरों व मेडिकल अफसरों के बीच हुआ है। बुधवार को हुई कार्रवाई के दौरान सीबीआई को अस्सी लाख रुपये की फर्जी खरीद-फरोख्त के पुख्ता साक्ष्य मिले है। इनमें प्रदेश के कुछ और बड़े डाक्टरों व मेडिकल अफसरों के शामिल होना प्रकाश में आया है। फिलहाल सीबीआई ने उनके नामों का अभी तक खुलासा नहीं किया है।