यूपी परिवहन विभाग का गजब खेल, ठंडा पानी पीने के लिए जाना पड़ेगा शौचालय!

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यूपी परिवहन विभाग का गजब खेल, ठंडा पानी पीने के लिए जाना पड़ेगा शौचालय!

लखनऊ। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक तरफ सूबे की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनावी समर में अहम भूमिका निभा रहे हैं और प्रदेश में विकास की गंगा बहने के लाखों दावे कर रहे हैं लेकिन सीएम योगी की सरकारी मशीनरी कितनी लापरवाह है। इसका ताजा उदाहरण प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे हाइटेक बस स्टेशन पर देखने को मिला।

Up Pariwahan Vibhag Ka Khel :

यहां के कैसरबाग बस स्टैंड पर इस भीषण गर्मी से परेशान यात्रियों को ठंडे पानी की तलाश में शौचालय जाना पड़ता है, जिसके बाद उन्हे ठंडा पानी नसीब होता है। दरअसल, कैसरबाग बस स्टैंड को अत्याधुनिक बनाने के लिए काफी पैसा खर्च किया गया, जिससे यहां से सफर करने वाले यात्रियों को कोई कष्ट ना हो सके।

लेकिन इस तपती गर्मी में यात्रियों को पानी पीने के लिए शौचालय से गुजरना पड़ता है। इस बात से साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी और ठेकेदारों के बीच साठगांठ कितनी मजबूत है। बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों की मानें तो परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ही पानी की मशीन को शौचालय में शिफ्ट कराया है। हालांकि जब इस बाबत एआरएम काशी प्रसाद से संपर्क करने की कोशिश की गयी तो उनका फोन नहीं उठा।

लखनऊ। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर एक तरफ सूबे की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनावी समर में अहम भूमिका निभा रहे हैं और प्रदेश में विकास की गंगा बहने के लाखों दावे कर रहे हैं लेकिन सीएम योगी की सरकारी मशीनरी कितनी लापरवाह है। इसका ताजा उदाहरण प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सबसे हाइटेक बस स्टेशन पर देखने को मिला। यहां के कैसरबाग बस स्टैंड पर इस भीषण गर्मी से परेशान यात्रियों को ठंडे पानी की तलाश में शौचालय जाना पड़ता है, जिसके बाद उन्हे ठंडा पानी नसीब होता है। दरअसल, कैसरबाग बस स्टैंड को अत्याधुनिक बनाने के लिए काफी पैसा खर्च किया गया, जिससे यहां से सफर करने वाले यात्रियों को कोई कष्ट ना हो सके। लेकिन इस तपती गर्मी में यात्रियों को पानी पीने के लिए शौचालय से गुजरना पड़ता है। इस बात से साफ तौर पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी और ठेकेदारों के बीच साठगांठ कितनी मजबूत है। बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों की मानें तो परिवहन विभाग के अधिकारियों ने ही पानी की मशीन को शौचालय में शिफ्ट कराया है। हालांकि जब इस बाबत एआरएम काशी प्रसाद से संपर्क करने की कोशिश की गयी तो उनका फोन नहीं उठा।