यूपी: अस्पतालों के चक्कर लगाती रही गर्भवती, नहीं किया भर्ती, आखिर एंबुलेंस में तोड़ दिया दम

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यूपी: अस्पतालों के चक्कर लगाती रही गर्भवती, नहीं किया भर्ती, आखिर में एंबुलेंस में तोड़ दिया दम

नोएडा। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर दिल दहल जायेगा। मामला नोएडा का है, जहां एक 8 महीने की गर्भवती महिला की इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो गयी। महिला के परिजनों की माने तो वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया था।

Up Pregnant Kept Going Round The Hospitals Did Not Recruit Finally Broke Into An Ambulance :

वहीं, इसको लेकर अब विपक्ष प्रदेश की योगी सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है। सपा नेता अनुराग भदौरिया ने कहा कि यूपी सरकार के स्वास्थ्य तंत्र को ध्वस्त हो गया है। उन्होंने कहा, ‘नोएडा में गर्भवती महिला दर-दर भटकती रही और अस्पताल में जगह नहीं मिली। पूरा का पूरा स्वास्थ्य सिस्टम ध्वस्त है। इस महिला के मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? सरकार की जिम्मेदारी तय करें और नोएडा प्रशासन पर कार्रवाई करें।

सिर्फ दिखावे और कागज की कार्रवाई हो रही है और बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।’ बता दें कि, नोएडा में गर्भवती महिला ने इलाज नहीं मिलने के कारण एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। आरोप है कि घंटों एंबुलेंस महिला को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकती रही लेकिन उसे इलाज नहीं मिला। महिला गाजियाबाद की रहने वाली थी। महिला को सांस लेने की दिक्कत थी।

नोएडा। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के दावों की पोल खोलने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर दिल दहल जायेगा। मामला नोएडा का है, जहां एक 8 महीने की गर्भवती महिला की इलाज नहीं मिलने के कारण मौत हो गयी। महिला के परिजनों की माने तो वह उसे लेकर अस्पताल पहुंचे थे लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया था। वहीं, इसको लेकर अब विपक्ष प्रदेश की योगी सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है। सपा नेता अनुराग भदौरिया ने कहा कि यूपी सरकार के स्वास्थ्य तंत्र को ध्वस्त हो गया है। उन्होंने कहा, 'नोएडा में गर्भवती महिला दर-दर भटकती रही और अस्पताल में जगह नहीं मिली। पूरा का पूरा स्वास्थ्य सिस्टम ध्वस्त है। इस महिला के मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा? सरकार की जिम्मेदारी तय करें और नोएडा प्रशासन पर कार्रवाई करें। सिर्फ दिखावे और कागज की कार्रवाई हो रही है और बड़ी-बड़ी बातें की जा रही हैं लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती।' बता दें कि, नोएडा में गर्भवती महिला ने इलाज नहीं मिलने के कारण एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। आरोप है कि घंटों एंबुलेंस महिला को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकती रही लेकिन उसे इलाज नहीं मिला। महिला गाजियाबाद की रहने वाली थी। महिला को सांस लेने की दिक्कत थी।