पाकिस्तानी गोलीबारी में बल‍िया का सपूत बीएसएफ जवान बिजेंद्र बहादुर शहीद

बलिया। जम्मू कश्मीर के अरनिया सेक्टर में पाकिस्तानी की तरफ सीजफायर का उल्लंघन करते हुए की गई गोलीबारी की चपेट में आने से यूपी के बलिया से आने वाले बीएसएफ जवान बिजेन्द्र बहादुर सिंह शहीद हो गया। बिजेन्द्र की शहादत की खबर मिलने के बाद बलिया स्थित उनके पैतृक गांव विद्या भवन नारायणपुर में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार की सबुह बिजेन्द्र की शहादत की खबर इलाके में फैलते ही आस पास के गांवों और कस्बों से भारी संख्या में लोगों ने शहीद के घर पहुंच कर अपनी संवेदनाएं व्य​क्त की।

शहीद के पिता का कहना है कि शुक्रवार की सुबह करीब चार बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई जिस पर बताया गया कि गुरुवार की रात पाकिस्तान की ओर से हुई फायरिंग में बिजेन्द्र शहीद हो गया है। बिजेन्द्र को पेट में गोली लगने के बाद सीमा सुरक्षा बल ने उसे जम्मू मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन इलाज के दौरान जवान ने दम तोड़ दिया।

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बिजेन्द्र के घर का हाल

शहीद जवान बलिया जिले के विद्या भवन नारायनपुर का रहने वाला था। बिजेन्द्र के दो छोटे-छोटे बच्चे है वहीं यह बिजेन्द्र अपने घर का एकलौता बेटा था। घर वालों का रो-रो कर बुरा हाल है।
गाँव वालों की माने तो बिजेन्द्र जब भी गाँव आता था तो वह अपने बार्डर की ही बातों को शेयर किया करता था। युवाओं को भी देशप्रेम के लिए प्रेरित किया करता था।

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बाप का दर्द
कहते है जवान बेटा बाप के बुढ़ापे की लाठी होता है, लेकिन जो बाप अपने बुढ़ापे का सहारा ही खो दे उस पर क्या बीतता है इसका अंदाज़ा बिजेन्द्र के बाप को देख लगाया जा सकता है। बिजेन्द्र के पिता अशोक सिंह को जब से यह दुखद खबर मिली है उन्हें भरोसा ही नहीं हो रहा कि मेरा बेटा इस दुनिया में नहीं है, वह सदमे में है, लाख समझाने के बाद भी वह बेटे का नाम लेकर बिलख रहे है।

 

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सदमे में है गाँव

जैसे ही यह खबर गाँव में पहुंची पूरा गाँव गमगीन हो गया। बिजेन्द्र के दोस्तों और गांव के युवाओं में पाकिस्तान की नापाक हरकत के लिए गुस्सा है। वहीं दूसरी ओर गांव के युवा बिजेन्द्र की शहादत को पूरे गांव के लिए गर्व के साथ देख रहे हैं।

 

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