यूपी का रहस्यमयी गांव, यहां लोगों के गल रहे नाखून और उंगलियां

कानपुर| यूपी में आगरा के बाद अब कानपुर में एक ऐसा गांव सामने आया है जहां हर व्यक्ति को चर्म रोग हो गया हैं। इतना ही नहीं कुछ लोगों की तो नाखून और उंगलियां गल रही हैं। कानपुर के प्योंदी गांव से जुड़े करीब आधा दर्जन गांव में पिछले कई साल से लोग त्वचा की बीमारी से परेशान हैं।




जानकारी के मुताबिक, यहां कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसे चर्म रोग न हो। कुछ ऐसे भी मिले, जिनके हाथों के नाखून गल चुके थे। किसी की उंगली टेढ़ी, तो किसी के हाथ-पांव फूले हुए थे। स्थानीय लोगो का कहना है कि इस गांव में हर व्यक्ति किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है, जैसे वो हर महीने राशन खरीदता है वैसे ही दवाइयां भी।

ये वजह हैं

कानपुर का जाजमऊ इलाका चमड़े के उद्योग के लिए मशहूर है। इस इलाके में करीब 400 से ज्यादा छोटी-बड़ी टेनरियां हैं। यहां फिनिश लेदर का कारोबार बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसे तैयार करने के लिए कच्चे चमड़े की प्रोसेसिंग की जाती है। इसमे इस्तेमाल होने वाला केमिकल बहुत घातक होता हैं। बचे हुए केमिकल को नाले में बहा दिया जाता हैं, जो जाकर गंगा मे मिल जाता है। जब गंगा नदी दूषित होने लगी, तब सरकार ने टेनरियों से निकलने वाले दूषित पानी को ट्रीट करने के लिए जाजमऊ इलाके में वाजिदपुर गांव के बगल में ही एक ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया।




गांव वालों के मुताबिक, ट्रीटमेंट प्लांट लगे होने के बावजूद कोई फायदा नहीं है। टेनरियों से निकलने वाले दूषि‍त पानी से भूजल दूषि‍त होता जा रहा है। यहां हैंडपंप से जो पानी निकलता है, वो पीला होता है। इनके अनुसार, गांव में लोग जो पानी इस्तेमाल करते हैं, उसमे क्यूरेनियम की मात्रा 1.5 मिलीग्राम होती हैं, जबकि यह 0.5 मिलीग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।