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यूपी: खाद की कालाबाजारी पर योगी ने दिया NSA का आदेश, खाद न मिलने पर किसान हो रहा मायूस

Up Yogi Orders Nsa On Black Marketing Of Manure

By सोने लाल 
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लखनऊ। इस बार अच्छी बारिश होने के बावजूद किसान परेशान है। क्योकि लोगों ने अपने मन में यह भावना बना कर बैठे ​थे कि इस बार धान की फसल अच्छी होगी। और मौसम ने भी भरपूर साथ दिया, लेकिन खाद न मिलने से सभी किसानों की मेहनत पर पूरी तरह से पानी फिरता नजर आ रहा है। कोरोना काल के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में यूरिया की किल्लत से किसान वर्ग कफी बेहाल और परेशान नजर आ रहा है। आर उनकी परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ कोरोना का कहर तो दूसरी ओर किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है। किसान अपने खेतों की साफ सफाई, निकाई, गुड़ाई, कर चुके हैं और अब समय से उन्हें खाद नहीं मिलने के कारण धान की खेती चौपट होती नजर आ रही है।

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किसानों को खाद न मिलने पर हो रहे मायूस

वहीं, लोग खाद के लिए काफी परेशान हैं। सूबे के साधन सहकारी समिति और इफको के केंद्रों पर खाद के लिए सुबह से ही लंबी-लंबी लाईनें लग जा रही हैं। लकिन यूरिया की कमी के चलते कुछ ही किसानों को खाद मिल पा रही है। बाकी मायूस होकर वापस लौट रहे हैं। जिसके वजह से नाराज किसान अपने गुस्से को जाजिर कर रहे हैं। बदायूं हो या सुल्तानपुर या फिर धान का कटोरा कहा जाने वाला चंदौली। हर तरफ यूनिया की आपू​र्ती होने की वजह से वहां का किसान वर्ग परेशान है।

यूरिया कालाबाजारी के लिए एनएसए की कार्रवाई जारी

यूरिया की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनएसए की कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि खाद का कृत्रिम अभाव दिखा कर किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वालो के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए और उनपर एनएसए लगाया जाए। इसके बाद भी किसान यूरिया के लिए परेशान हैं।

बदायूं में किसानों पर लाठी चार्ज

यूरिया की बढ़ती किल्ल्त की वजह से परेशान हमारा अन्नदाताओं का आक्रोश भी सामने आ रहा है। गुरुवार को बदायूं में यूरिया लेने के लिए आए किसानों को जब खाद नहीं मिली तो उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। भीड़ बेकाबू हो गई और भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और लाठियां भांजनी पड़ीं, जिससे वहां पर भगदड़ मच गई। इस दौरान एक किसान के सिर में काफी चोट आई, जिसे बाद में इलाज के लिए पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया।

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बताया जा रहा है कि बदायूं के दहगावा में किसान खाद की दुकान पर लाइन लगाए हुए थे। यूरिया लेने के लिए भीड़ काफी थी, इसलिए वहां मौजूद पुलिस के जवानों ने किसानों की दो लाइन लगवा दी, लेकिन वहां पर खाद के लिए लोगों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई और भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं।

सुल्तानपुर में सपा ने किया विरोध

सुल्तानपुर में गुरुवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में खाद की समस्या और कालाबाजारी को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करते हुए सपा कार्यकर्ता आगे बढ़े तो वहां पर पहले से मौजूद पुलिस और प्रशासन ने उनको रोक दिया। मामला नगर के सुपर मार्केट स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय का है, जहां पर खाद की समस्या कालाबाजारी और प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर सपाई उग्र हो गए और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने सड़क पर उतरने की कोशिश की, जिससे वहां पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अमला ने उनको आगे बढ़ने से रोक दिया।

चंदौली में किसान परेशान

सूबे में धान का कटोरा कहे जाने वाले चंदौली में भी पिछले कई दिनों से यूरिया की किल्लत बनी हुई है। चंदौली में अच्छी बारिश होने के चलते धान की फसल के लिए खाद की मांग बढ़ी है, लेकिन किसानों को यूरिया के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। सरकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत है और बाजार में जो यूरिया उपलब्ध है वह किसानों को महंगी पड़ रही है। ऐसे में किसान को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।

अच्छी बारिश के बाद भी किसान बेहाल

कोरोना के चलते उनकी फसल का पहले ही उचित दाम नहीं मिल सका था और अब धान के लिए महंगी खाद खरीदनी पड़ रही, कोरोना काल में यूरिया की आवक और वितरण प्रभावित हुआ है और किसान यूरिया के लिए परेशान हैं। चित्रकूट में किसान खाद की कमी का दंश झेल रहे हैं। गोंडा, बाराबंकी, सोनभद्र,कौशाम्बी और उन्नाव में भी खाद की कमी को लेकर किसान परेशान हैं। वही अमरोहा में कांग्रेस खाद की कमी को मुद्दा बनाकर लगातार प्रदर्शन कर रही है। इसके बावजूद यूरिया की किल्लत खत्म होती नजर नहीं आ रही।

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