उपहार सिनेमा से लेकर बवाना तक, दिल्ली में अग्निकांड की घटनाओं से जिम्मेदार नहीं ले रहे सबक

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उपहार सिनेमा से लेकर बवाना तक, दिल्ली में भीषण आग की घटनाओं से जिम्मेदार नहीं ले रहे सबक

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के अनाज मंडी क्षेत्र में लगी भीषण आग में 43 लोगों की मौत के बाद फिर एक बार​ जिम्मेदारों पर सवाल उठने लगा है। इस तरह की ​घटना हर बार रिहाइशी इलाकों में अवैध फैक्ट्रियां चलने, होटल रेस्त्रां, सिनेमाघर आदि जगहों सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण सामने आती हैं। इसके बाद रानजीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने में जुट जाती हैं लेकिन आग ठंडी पड़ते ही मुद्दा भी ठंडा पड़ जाता है।

Uphaar Cinema To Anaj Mandi Fire No Learning Till Yet :

दिल्ली में अब तक की सबसे खौफनाक घटना उपहार सिनेमा की है, जो साल 1997 में सामने आई थी। तब से अब तक एक-दूसरे पर दोष मढ़ने के अलावा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है, जिसके कारण इस तरह की बढ़ी घटनाएं सामने आ रहीं हैं।

उपहार सिनेमा अग्निकांड में हुई थी 59 लोगों की मौत
13 जून, 1997 को दक्षिण दिल्ली के उपहार सिनेमा में बॉर्डर फिल्म लगी थी, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में लो पहुंचे थे। शो के दौरान सिनेमाघर के ट्रांसफार्मर कक्ष में भीषण आग लग गयी, जो देखते ही देखते पूरे सिनेमा घर में फैल गयी। इस भीषण अग्निकांड में 59 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी थी, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। घटना की जांच के दौरान पता चला था कि सिनेमाघर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।

बवाना में हुई थी 17 लोगों की हुई मौत
बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में 21 जनवरी 2018 को भीषण अग्निकांड हुआ था। इस अग्निकांड में 17 लोगों की जान चली गयी थी। मरने वालों में 8 महिलाएं थीं। इलाके में अवैध रूप से फैक्ट्रियां चल रही थीं। आग एक पटाखा फैक्ट्री के बेसमेंट और फर्स्ट फ्लोर पर लगी थी। बवाना इंडस्ट्रियल एरिया कनॉट प्लेस से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर है।

होटल अर्पित में 17 लोगों की मौत
करोल बाग के होटल अर्पित में 12 फरवरी 2019 को भीषण आग लगी थी। इसमें 17 लोगों की मौत हुई थी। सुबह एक छोटी-सी चिनगारी ने भयानक आग का रूप ले लिया था। आग लगने के वक्त होटल में करीब 53 लोग थे। इस भीषण अग्निकांड में कई लोग किसी तरह बाहर निकल गए, जबकि 17 लोगों की जान चली गयी थी।

नई दिल्ली। उत्तरी दिल्ली के अनाज मंडी क्षेत्र में लगी भीषण आग में 43 लोगों की मौत के बाद फिर एक बार​ जिम्मेदारों पर सवाल उठने लगा है। इस तरह की ​घटना हर बार रिहाइशी इलाकों में अवैध फैक्ट्रियां चलने, होटल रेस्त्रां, सिनेमाघर आदि जगहों सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण सामने आती हैं। इसके बाद रानजीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने में जुट जाती हैं लेकिन आग ठंडी पड़ते ही मुद्दा भी ठंडा पड़ जाता है। दिल्ली में अब तक की सबसे खौफनाक घटना उपहार सिनेमा की है, जो साल 1997 में सामने आई थी। तब से अब तक एक-दूसरे पर दोष मढ़ने के अलावा इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है, जिसके कारण इस तरह की बढ़ी घटनाएं सामने आ रहीं हैं। उपहार सिनेमा अग्निकांड में हुई थी 59 लोगों की मौत 13 जून, 1997 को दक्षिण दिल्ली के उपहार सिनेमा में बॉर्डर फिल्म लगी थी, जिसे देखने के लिए भारी संख्या में लो पहुंचे थे। शो के दौरान सिनेमाघर के ट्रांसफार्मर कक्ष में भीषण आग लग गयी, जो देखते ही देखते पूरे सिनेमा घर में फैल गयी। इस भीषण अग्निकांड में 59 लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी थी, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। घटना की जांच के दौरान पता चला था कि सिनेमाघर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं थे। बवाना में हुई थी 17 लोगों की हुई मौत बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में 21 जनवरी 2018 को भीषण अग्निकांड हुआ था। इस अग्निकांड में 17 लोगों की जान चली गयी थी। मरने वालों में 8 महिलाएं थीं। इलाके में अवैध रूप से फैक्ट्रियां चल रही थीं। आग एक पटाखा फैक्ट्री के बेसमेंट और फर्स्ट फ्लोर पर लगी थी। बवाना इंडस्ट्रियल एरिया कनॉट प्लेस से महज 35 किलोमीटर की दूरी पर है। होटल अर्पित में 17 लोगों की मौत करोल बाग के होटल अर्पित में 12 फरवरी 2019 को भीषण आग लगी थी। इसमें 17 लोगों की मौत हुई थी। सुबह एक छोटी-सी चिनगारी ने भयानक आग का रूप ले लिया था। आग लगने के वक्त होटल में करीब 53 लोग थे। इस भीषण अग्निकांड में कई लोग किसी तरह बाहर निकल गए, जबकि 17 लोगों की जान चली गयी थी।