UPPCL PF घोटाला: CBI ने दर्ज किया मुकदमा, 2200 करोड़ का है घोटाला

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UPPCL PF घोटाला: CBI ने दर्ज किया मुकदमा, 2200 करोड़ का है घोटाला

लखनऊ। सपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) विभाग में लगभग 2200 करोड़ रूपये का पीएफ घोटाला हुआ था। जो योगी सरकार में उजागर हुआ तो मामले की जांच सीबाआई को सौंपी गयी। सीबीआई ने आखिरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मुकदमे में आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468 और 471 लगाई गयी है।

Uppcl Pf Scam Cbi Registers Case Scam Of 2200 Crores :

बता दें कि योगी सरकार ने आते ही इस मामले की जांच करवायी थी जिसमे विभाग के ​वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगा कि कि उन्होंने कर्मचारियों के पीएफ के पैसे को डीएचएफएल में निवेश कर दिया था। सरकार ने जांच इओडब्लयू को सौंपी जिसके बाद इस घोटाले में यूपीपीसीएल के निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी, सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता, पूर्व एमडी एपी मिश्र, डीएचएफएल के क्षेत्रीय प्रबन्धक अमित प्रकाश, एसएमसी के अधिकारी, सीए समेत 17 लोग पकड़े जा चुके हैं। इस घोटाले में हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज हुई थी।

बता दें कि इस मामले में जांच कर रही ईओडब्ल्यू का आरोप है कि कंपनी के पूर्व एमडी एपी मिश्रा ने यूपी पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और कर्मचारियों के ट्रस्ट के पूर्व सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता के साथ मिलकर नियमों को दरकिनार करते हुए कर्मचारियों के भविष्य निधि के हजारों करोड़ रुपए डीएचएफएल में निवेश कर घोटाला किया है।

लखनऊ। सपा शासनकाल में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) विभाग में लगभग 2200 करोड़ रूपये का पीएफ घोटाला हुआ था। जो योगी सरकार में उजागर हुआ तो मामले की जांच सीबाआई को सौंपी गयी। सीबीआई ने आखिरकार इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। यह एफआईआर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मुकदमे में आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468 और 471 लगाई गयी है। बता दें कि योगी सरकार ने आते ही इस मामले की जांच करवायी थी जिसमे विभाग के ​वरिष्ठ अधिकारियों पर आरोप लगा कि कि उन्होंने कर्मचारियों के पीएफ के पैसे को डीएचएफएल में निवेश कर दिया था। सरकार ने जांच इओडब्लयू को सौंपी जिसके बाद इस घोटाले में यूपीपीसीएल के निदेशक (वित्त) सुधांशु द्विवेदी, सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता, पूर्व एमडी एपी मिश्र, डीएचएफएल के क्षेत्रीय प्रबन्धक अमित प्रकाश, एसएमसी के अधिकारी, सीए समेत 17 लोग पकड़े जा चुके हैं। इस घोटाले में हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज हुई थी। बता दें कि इस मामले में जांच कर रही ईओडब्ल्यू का आरोप है कि कंपनी के पूर्व एमडी एपी मिश्रा ने यूपी पावर कॉर्पोरेशन के पूर्व वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी और कर्मचारियों के ट्रस्ट के पूर्व सचिव प्रवीण कुमार गुप्ता के साथ मिलकर नियमों को दरकिनार करते हुए कर्मचारियों के भविष्य निधि के हजारों करोड़ रुपए डीएचएफएल में निवेश कर घोटाला किया है।