UPPSC मेंस परीक्षा रद्द

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UPPSC मेंस परीक्षा रद्द

लखनऊ । इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त करने के बाद सुप्रीम कोर्ट निर्देश पर आयोजित करवाई गई यूपीपीएससी (UPPSC) मेंस परीक्षा एक बार फिर लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। मंगलवार को यूपीपीएससी के इलाहाबाद सेंटर पर पहुंचे अभ्यार्थियों को जैसे ही पहली पाली की परीक्षा के लिए पर्चा मिला सेंटरों पर हंगामा खड़ा हो गया। पर्चा बंटने के बाद यूपीपीएससी के केन्द्र व्यवस्थापक को समझ आया कि उन्होंने गलती कहां पर कर दी। दरअसल पहली पारी की परीक्षा में सामान्य हिन्दी के स्थान पर निबंध परीक्षा का पर्चा बांट दिया गया था। जबकि निंबध परीक्षा का पर्चा दूसरी पाली में होना था।

Uppsc Mains Examination Cancelled :

जानकारों की माने तो दोनों पालियों के बीच में मध्यांतर होता है, जिस वजह से एक सेंटर पर दूसरी पाली का पर्चा पहले बांटे जाने से यह मामला पर्चा लीक होने जैसा बनता है। इस वजह से परीक्षा को रद्द करना मजबूरी हो जाती है।

आपको बता दें कि यूपीएससी प्री परीक्षा में कुछ गलत प्रश्न पूछे जाने की पुष्टि होने के बाद प्री परीक्षा के परिणामों को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए मुख्य परीक्षा को रोकने की अपील की गई थी। जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्निरीक्षण के साथ साथ 18 जून को होने वाले मेंस परीक्षा पर रोक लगा दी थी।

हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। जहां अदालत ने 14 जून को अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट के फैसले को निलंबित करते हुए 18 जून से होने वाली मुख्य परीक्षा को यह कहते हुए बहाल कर दिया था कि यूपीपीएससी जैसी संस्था के काम के बीच में अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से संस्था के विश्वनियता सवालों के घेरे में आ जाती है।

लखनऊ । इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश को निरस्त करने के बाद सुप्रीम कोर्ट निर्देश पर आयोजित करवाई गई यूपीपीएससी (UPPSC) मेंस परीक्षा एक बार फिर लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। मंगलवार को यूपीपीएससी के इलाहाबाद सेंटर पर पहुंचे अभ्यार्थियों को जैसे ही पहली पाली की परीक्षा के लिए पर्चा मिला सेंटरों पर हंगामा खड़ा हो गया। पर्चा बंटने के बाद यूपीपीएससी के केन्द्र व्यवस्थापक को समझ आया कि उन्होंने गलती कहां पर कर दी। दरअसल पहली पारी की परीक्षा में सामान्य हिन्दी के स्थान पर निबंध परीक्षा का पर्चा बांट दिया गया था। जबकि निंबध परीक्षा का पर्चा दूसरी पाली में होना था।जानकारों की माने तो दोनों पालियों के बीच में मध्यांतर होता है, जिस वजह से एक सेंटर पर दूसरी पाली का पर्चा पहले बांटे जाने से यह मामला पर्चा लीक होने जैसा बनता है। इस वजह से परीक्षा को रद्द करना मजबूरी हो जाती है।आपको बता दें कि यूपीएससी प्री परीक्षा में कुछ गलत प्रश्न पूछे जाने की पुष्टि होने के बाद प्री परीक्षा के परिणामों को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती देते हुए मुख्य परीक्षा को रोकने की अपील की गई थी। जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्निरीक्षण के साथ साथ 18 जून को होने वाले मेंस परीक्षा पर रोक लगा दी थी।हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। जहां अदालत ने 14 जून को अपना फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट के फैसले को निलंबित करते हुए 18 जून से होने वाली मुख्य परीक्षा को यह कहते हुए बहाल कर दिया था कि यूपीपीएससी जैसी संस्था के काम के बीच में अदालत को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से संस्था के विश्वनियता सवालों के घेरे में आ जाती है।