लखनऊ में 50 हजार के इनामी को एसटीएफ ने दबोचा

Wazeer

लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार को 50 हजार रुपये के इनामी आजमगढ़ निवासी वजीर हसन को लखनऊ से गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 65 हजार रुपये, एक कार, चार मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला। आरोपी वर्ष 2016 से एक हिस्ट्रीशीटर आजम की हत्या के मामले में फरार चल रहा था।

Upstf Arrested 50 Thousand Rewarded Criminal From Lucknow :


एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि शुक्रवार को यूपीएसटीएफ को इस बात की सूचना मिली कि 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश आजमगढ़ जनपद निवासी वजीर हसन अपनी कार से गोमतीनगर के हुसडिय़ा आने वाला है। इस पर एसटीएफ की टीम हुसडिय़ा चौराहे पहुंच गयी। इस पर एक स्विफ्ट डिजाइर कार सवार संदिग्ध युवक एसटीएफ को दिखा।

एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी करते हुए कार सवार को धर लिया। पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम आजमगढ़ निवासी वजीर हसन ने बताया। उसके पास से तलाशी के दौरान 65 हजार रुपये, चार मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला। पूछताछ में आरोपी ने 12 नवम्बर वर्ष 2016 को रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर आजम की हत्या करने की बात कुबूली।

उसने बताया कि आजम की हत्या में उसका भाई सगीर, भतीजा सादिक और बन्ने खान शामिल थे। आरोपी का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर आजम उसकी हत्या करवाना चाहता था। इसके लिए उसने शुटरों को भी भेजा था, जिनको पकड़ लिया गया था। बस इसी के बाद उसने रंजिश के चलते आजम की हत्या कर दी।

आजम की हत्या के बाद से वह फरार चल रहा था। आजमगढ़ पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी के खिलाफ मुम्बई के भिवण्डी में वर्ष 2010 में हत्या का एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में वह जेल भी गया था और जमानत पर रिहा होकर अपने गांव मेें रह रहा था।

लखनऊ। यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार को 50 हजार रुपये के इनामी आजमगढ़ निवासी वजीर हसन को लखनऊ से गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से 65 हजार रुपये, एक कार, चार मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला। आरोपी वर्ष 2016 से एक हिस्ट्रीशीटर आजम की हत्या के मामले में फरार चल रहा था।


एसएसपी एसटीएफ ने बताया कि शुक्रवार को यूपीएसटीएफ को इस बात की सूचना मिली कि 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश आजमगढ़ जनपद निवासी वजीर हसन अपनी कार से गोमतीनगर के हुसडिय़ा आने वाला है। इस पर एसटीएफ की टीम हुसडिय़ा चौराहे पहुंच गयी। इस पर एक स्विफ्ट डिजाइर कार सवार संदिग्ध युवक एसटीएफ को दिखा।

एसटीएफ की टीम ने घेराबंदी करते हुए कार सवार को धर लिया। पूछताछ की गयी तो उसने अपना नाम आजमगढ़ निवासी वजीर हसन ने बताया। उसके पास से तलाशी के दौरान 65 हजार रुपये, चार मोबाइल फोन और अन्य सामान मिला। पूछताछ में आरोपी ने 12 नवम्बर वर्ष 2016 को रंजिश के चलते हिस्ट्रीशीटर आजम की हत्या करने की बात कुबूली।

उसने बताया कि आजम की हत्या में उसका भाई सगीर, भतीजा सादिक और बन्ने खान शामिल थे। आरोपी का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर आजम उसकी हत्या करवाना चाहता था। इसके लिए उसने शुटरों को भी भेजा था, जिनको पकड़ लिया गया था। बस इसी के बाद उसने रंजिश के चलते आजम की हत्या कर दी।

आजम की हत्या के बाद से वह फरार चल रहा था। आजमगढ़ पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आरोपी के खिलाफ मुम्बई के भिवण्डी में वर्ष 2010 में हत्या का एक मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में वह जेल भी गया था और जमानत पर रिहा होकर अपने गांव मेें रह रहा था।