UPSTF ने किया डॉ. कफील को गिरफ्तार, बोला यूपी पुलिस पर नही है भरोसा

Dr kafil
डॉ. कफील कोरोना मरीजो की करना चाहते हैं मदद, रिहाई की मांग, तीसरे चरण के रोडमैप के लिए PM को लिखा खत

लखनऊ। बीते दिसंबर माह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में विवादित बयान देने वाले डॉक्टर कफील खान को यूपी एसटीएफ टीम ने मुम्बई से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पूछताछ के दौरान कफील ने कहा है कि उसे यूपी पुलिस पर बिल्कुल भी भरोसा नही है इसलिए वह महाराष्ट्र में ही रहना चाहता है।

Upstf Arrests Dr Kafeel Says Up Police Is Not Confident :

गोरखपुर के सोशल एक्टिविस्ट डॉ. कफील खान ने कहा था कि इस बिल से घबराने की जरूरत नहीं है। इस बिल को हमें डराने के लिए मोहरा बनाया जा रहा है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। आप लोग अपने सभी दस्तावेज पूरे रखें। यह देश हमारा है और हमारा रहेगा। जो हम चाहेंगे वही होगा। अमित शाह जो बिल लाए हैं, वह असंवैधानिक हैं। इन्होंने बाबा साहेब के संविधान को माना ही नहीं। इनका देश को बांटने का इरादा है। आप छात्रों को ही इस जंग की मशाल उठानी होगी।

वहीं पकड़े जाने के बाद कफील ने कहा कि मुझे गोरखपुर के बच्चों की मौत के मामले में क्लीन चिट दे दी गई थी, अब वे मुझे फिर से फ्रेम करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि मुझे महाराष्ट्र में रहने दें, मुझे उत्तर प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं है।

आपको बता दें कि डॉक्टर कफील खान ने पिछले साल 12 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान ये विवादित बयान दिया था। उसके खिलाफ 13 दिसंबर को एफआईआर दर्ज हुई थी। आपको यह भी बता दें कि कफील 2017 में पहली बार चर्चा में आए थे जब बीआरडी गोरखपुर में 60 बच्चों की अस्पताल में मौत हुई थी। हालांकि इस मामले में कफील का कहना है कि उसे क्लीन चिट मिल गयी है लेकिन सरकार का कहना है अभी तक कोई भी क्लीन चिट नही दी गयी।

लखनऊ। बीते दिसंबर माह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में विवादित बयान देने वाले डॉक्टर कफील खान को यूपी एसटीएफ टीम ने मुम्बई से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पूछताछ के दौरान कफील ने कहा है कि उसे यूपी पुलिस पर बिल्कुल भी भरोसा नही है इसलिए वह महाराष्ट्र में ही रहना चाहता है। गोरखपुर के सोशल एक्टिविस्ट डॉ. कफील खान ने कहा था कि इस बिल से घबराने की जरूरत नहीं है। इस बिल को हमें डराने के लिए मोहरा बनाया जा रहा है। लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। आप लोग अपने सभी दस्तावेज पूरे रखें। यह देश हमारा है और हमारा रहेगा। जो हम चाहेंगे वही होगा। अमित शाह जो बिल लाए हैं, वह असंवैधानिक हैं। इन्होंने बाबा साहेब के संविधान को माना ही नहीं। इनका देश को बांटने का इरादा है। आप छात्रों को ही इस जंग की मशाल उठानी होगी। वहीं पकड़े जाने के बाद कफील ने कहा कि मुझे गोरखपुर के बच्चों की मौत के मामले में क्लीन चिट दे दी गई थी, अब वे मुझे फिर से फ्रेम करने की कोशिश कर रहे हैं। मैं महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध करता हूं कि मुझे महाराष्ट्र में रहने दें, मुझे उत्तर प्रदेश पुलिस पर भरोसा नहीं है। आपको बता दें कि डॉक्टर कफील खान ने पिछले साल 12 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान ये विवादित बयान दिया था। उसके खिलाफ 13 दिसंबर को एफआईआर दर्ज हुई थी। आपको यह भी बता दें कि कफील 2017 में पहली बार चर्चा में आए थे जब बीआरडी गोरखपुर में 60 बच्चों की अस्पताल में मौत हुई थी। हालांकि इस मामले में कफील का कहना है कि उसे क्लीन चिट मिल गयी है लेकिन सरकार का कहना है अभी तक कोई भी क्लीन चिट नही दी गयी।