अमेरिका-ईरान तनाव: सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय नौसेना ने खाड़ी में युद्धपोत और विमान किए तैनात

Indian navy
अमेरिका-ईरान तनाव: सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय नौसेना ने खाड़ी में युद्धपोत और विमानों की तैनाती की

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में युद्धपोत और विमानों की तैनाती की है। नौसेना ने यह फैसला भारत के सामुद्रिक व्यापार की सुरक्षा और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए लिया है। 3 जनवरी को अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से दोनों देशों में तनाव है।

Us Iran Tensions Indian Navy Deploys Warships And Aircraft In The Wake Of Security :

भारतीय नौसेना ने कहा कि जंगी जहाज और विमानों की तैनाती का मकसद भारतीय व्यापारियों को सुरक्षा का एहसास कराना है। नौसेना ने कहा कि हम किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नौसेना देश के समुद्री हितों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है।

बता दें कि बीते साल जून माह में, नौसेना ने ओमान की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमले के बाद एक समुद्री सुरक्षा ड्रिल ‘ऑपरेशन संकल्प’ शुरू किया था। रक्षा, विदेश, जहाजरानी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय समेत सभी हितधारकों के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में सामुद्रिक सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए नियमित अंतर-मंत्रालय बैठकें की गई हैं।

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच भारतीय नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में युद्धपोत और विमानों की तैनाती की है। नौसेना ने यह फैसला भारत के सामुद्रिक व्यापार की सुरक्षा और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर किसी भी विपरीत परिस्थिति से निपटने के लिए लिया है। 3 जनवरी को अमेरिका द्वारा ईरानी सैन्य कमांडर जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से दोनों देशों में तनाव है। भारतीय नौसेना ने कहा कि जंगी जहाज और विमानों की तैनाती का मकसद भारतीय व्यापारियों को सुरक्षा का एहसास कराना है। नौसेना ने कहा कि हम किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नौसेना देश के समुद्री हितों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है। बता दें कि बीते साल जून माह में, नौसेना ने ओमान की खाड़ी में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमले के बाद एक समुद्री सुरक्षा ड्रिल ‘ऑपरेशन संकल्प’ शुरू किया था। रक्षा, विदेश, जहाजरानी, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय समेत सभी हितधारकों के साथ इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में सामुद्रिक सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए नियमित अंतर-मंत्रालय बैठकें की गई हैं।