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विश्व के किसी भी देश को आसानी से निशाना बना सकती है अमेरिकी सेना, इन देशों में मौजूद हैं सैन्य अड्डे

Us Military Can Easily Target Any Country Of The World There Are Military Bases In These Countries

By बलराम सिंह 
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नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है। ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामनेई ने कहा कि अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करके हमने उसके घमंड पर तमाचा मारा है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले से किसी तरह का नुकसान होने से इंकार किया है। इस मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं कि अमेरिका के सैन्य अड्डे किन किन देशों में हैं।

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय का दावा है कि अमेरिका के दुनिया में 800 सैन्य अड्डे हैं। इनमें 100 से अधिक सैन्य अड्डे खाड़ी देशों में हैं। अगर ईरान हमला करता है तो यहां तैनात अमेरिकी सैनिक सबसे जल्द जवाबी कार्रवाई करेंगे। पूरे पश्चिम एशिया में ईरान के चारों ओर 67,906 अमेरिकी सेनाएं हर वक्त मुस्तैद हैं और किसी भी अप्रत्याशित हालात से निपटने में भी सक्षम हैं। इनके अलावा ईरान से तनाव बढ़ने के बाद 3,000 अतिरिक्त अमेरिकी सेनाओं को पश्चिम एशिया में भेजा गया है। कुल मिलाकर 70 हजार से ज्यादा अमेरिकी सेनाएं ईरान के किसी भी हमले से निपटने के लिए तैयार हैं।

इन देशों में मौजूद हैं अमेरिकी सेनाएं
तुर्की: यहां अमेरिका के 2500 सैनिक तैनात हैं। हाल में ही तुर्की और अमेरिका के बीच तनाव गहरा गया था तब इस ठिकाने को बंद करने पर भी विचार किया जा रहा था। लेकिन संबंध सामान्य होने के बाद फिर एक बार यहां सैनिकों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

सीरिया: आईएसआईएस के साथ जंग खत्म होने के बाद ट्रंप ने 2019 में यहां से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया जारी की थी। हालांकि अब भी यहां 2000 अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।

सऊदी अरब: यहां कितने सैनिक तैनात हैं इसके बारे में अमेरिका ने कोई जानकारी नहीं दी है। हालांकि माना जाता है कि यहां अमेरिका की तीनों सेनाएं बड़ी संख्या में रहती हैं।

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इराक: अमेरिका ने यहां लगभग 6000 जवानों को आईएस के खिलाफ तैनात किया है। ये सैनिक अमेरिकी हितों की रक्षा करने के साथ इराकी सुरक्षाबलों को प्रशिक्षण भी प्रदान करते हैं।

जॉर्डन: अमेरिका ने यहां आईएस के खात्मे और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए 2795 सैनिकों को तैनात किया है। यहां स्थित सैनिक इस्राइल को भी खुफिया सूचना मुहैया कराते हैं।

कुवैत: इस देश में 13,000 अमेरिकी जवान अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए तैनात हैं। खाड़ी देशों में कुवैत अमेरिका का सबसे करीबी देशों में से एक है। कुवैत अमेरिका से सैन्य हथियारों को खरीदने के साथ ही रूस से भी कई आधुनिक हथियार खरीदता है।

बहरीन: यहां सात हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जिनमें से अधिकतर नौसेना के हैं। ये फारस की खाड़ी में शेख ईसा एयर बेस और खलीफा इब्न सलमान पोर्ट पर तैनात हैं।

कतर: कतर अमेरिका का सबसे करीबी देशों में से एक है। यहां सात हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। ये जवान अल उदीद एयर बेस और सायलीह कैंप में रहते हैं।

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यूएई: यूनाइटेड अरब अमीरात में 5000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इनमें से अधिकतर होरमुज जलसंधि के पास तैनात हैं। जिसे ईरान बंद करने की तैयारी में है। इसके अलावा अल डफरा एयर बेस, पोर्ट ऑफ जेबेल अली और फुजैराह नेवल बेस पर भी अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

ओमान: ओमान में 600 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। अमेरिकी सैनिक इस देश में साल 1980 से तैनात हैं। यहां से ये सैनिक हिंद महासागर पर भी निगाह रखते हैं।

जिबूती: जिबूती में भी अमेरिकी सेना का बड़ा बेस मौजूद है। यहां तैनात सैनिकों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। इस छोटे से देश में चीनी सैन्य बेस भी है। यह देश सामरिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

अफगानिस्तान: इस देश में अमेरिका के 14 हजार सैनिक मौजूद हैं। इसके अलावा यहां गठबंधन सेनाओं के आठ हजार सैनिक भी हैं जो तालिबान के खिलाफ अक्सर कार्रवाईयों को अंजाम देते रहते हैं।

यहां भी हैं अमेरिका के सैन्य अड्डे
अमेरिका के सैन्य अड्डे कजाखिस्तान, फिलिपींस, ऑस्ट्रेलिया, जिबूती, सोमालिया,बोत्सवाना,कांगो, केन्या, इथोपिया, लेबनान, ट्यूनिशिया, माली, नाइजर, चाड, सेंट्रल अफ्रीका रिपब्लिक, यूगांडा, गेबॉन, कैमरून, घाना, बुर्किना फासो, सेनेगल, स्पेन, बेल्जियम, इटली, जर्मनी, ग्रीस, साइप्रस, यूनाइटेड किंगडम, आयरलैंड, क्यूबा, एसेसन द्वीप – यूके और डियोगा गार्सिया – यूके में भी मौजूद हैं, जहां से अमेरिकी सेनाएं किसी भी देश पर तुरंत हमला कर सकती हैं।

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