अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे को धर्म से जोड़ा, तीसरी बार मध्यस्थता की पेशकश की

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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कश्मीर मुद्दे को धर्म से जोड़ा, तीसरी बार मध्यस्थता की पेशकश की

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर कश्मीर (Kashmir) को लेकर मध्यस्थता की पेशकश की है। ट्रंप ने कहा है कि कश्मीर में तनाव के पीछे धर्म का अहम हाथ है। बता दें कि ट्रंप ने कुछ दिन पहले भी कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कही थी लेकिन भारत ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था। भारत ने इसे द्विपक्षीय मामला बताया था।

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ट्रंप का कश्मीर पर हिंदू-मुसलमान राग

ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘कश्मीर बेहद जटिल जगह है। यहां हिंदू हैं और मुसलमान भी और मैं नहीं कहूंगा कि उनके बीच काफी मेलजोल है।’ उन्होंने कहा, ‘मध्यस्थता के लिए जो भी बेहतर हो सकेगा, मैं वो करूंगा।’ गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के अमेरिका दौरे के वक्त डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि नरेंद्र मोदी ने उनसे जम्मू-कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की बात कही थी।

हालांकि उनके इस दावे का खुद वाइट हाउस ने ही खंडन किया था। अब भारत का आर्टिकल 370 पर फैसला और उसके बाद सरकार के रुख से साफ है कि भारत इस मसले पर किसी भी तीसरे पक्ष के दखल के सख्त खिलाफ है। इसके बाद एक बार फिर डॉनल्ड ट्रंप ने कश्‍मीर मुद्दे पर मध्‍यस्‍थता की पेशकश की है।

Pak पीएम से फोन पर की थी बात

इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से फोन पर बात की थी। इस दौरान इमरान को कश्मीर पर भारत के खिलाफ बयानबाजी को लेकर एहतियात बरतने को कहा है। ट्रंप ने मौजूदा हालात को मुश्किल बताया और दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा।

इमरान खान को नसीहत

अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर करीब 30 मिनट बात करने के बाद उन्होंने खान से बात की। मोदी ने बातचीत के दौरान पाकिस्तानी नेताओं द्वारा ‘भारत विरोधी हिंसा के लिए उग्र बयानबाजी और उकसावे’ का मुद्दा उठाया। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने खान से जम्मू-कश्मीर मामले पर भारत के खिलाफ बयानबाजी में संयम बरतने और तनाव कम करने को लेकर चर्चा की।

व्हाइट हाउस ने कहा, खान के साथ बातचीत के दौरान, ट्रंप ने दोनों पक्षों के तनाव बढ़ाने से बचने और संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया।उसने कहा, दोनों नेताओं ने अमेरिका-पाकिस्तान आर्थिक एवं व्यापार सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करने पर भी सहमति जताई।

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक बार फिर कश्मीर (Kashmir) को लेकर मध्यस्थता की पेशकश की है। ट्रंप ने कहा है कि कश्मीर में तनाव के पीछे धर्म का अहम हाथ है। बता दें कि ट्रंप ने कुछ दिन पहले भी कश्मीर पर मध्यस्थता की बात कही थी लेकिन भारत ने इसे सिरे से खारिज कर दिया था। भारत ने इसे द्विपक्षीय मामला बताया था। ट्रंप का कश्मीर पर हिंदू-मुसलमान राग ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘कश्मीर बेहद जटिल जगह है। यहां हिंदू हैं और मुसलमान भी और मैं नहीं कहूंगा कि उनके बीच काफी मेलजोल है।’ उन्होंने कहा, ‘मध्यस्थता के लिए जो भी बेहतर हो सकेगा, मैं वो करूंगा।’ गौरतलब है कि हाल ही में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के अमेरिका दौरे के वक्त डॉनल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि नरेंद्र मोदी ने उनसे जम्मू-कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की बात कही थी। हालांकि उनके इस दावे का खुद वाइट हाउस ने ही खंडन किया था। अब भारत का आर्टिकल 370 पर फैसला और उसके बाद सरकार के रुख से साफ है कि भारत इस मसले पर किसी भी तीसरे पक्ष के दखल के सख्त खिलाफ है। इसके बाद एक बार फिर डॉनल्ड ट्रंप ने कश्‍मीर मुद्दे पर मध्‍यस्‍थता की पेशकश की है। Pak पीएम से फोन पर की थी बात इससे पहले मंगलवार को ट्रंप ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से फोन पर बात की थी। इस दौरान इमरान को कश्मीर पर भारत के खिलाफ बयानबाजी को लेकर एहतियात बरतने को कहा है। ट्रंप ने मौजूदा हालात को मुश्किल बताया और दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा। इमरान खान को नसीहत अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर करीब 30 मिनट बात करने के बाद उन्होंने खान से बात की। मोदी ने बातचीत के दौरान पाकिस्तानी नेताओं द्वारा 'भारत विरोधी हिंसा के लिए उग्र बयानबाजी और उकसावे' का मुद्दा उठाया। व्हाइट हाउस के अनुसार, ट्रंप ने खान से जम्मू-कश्मीर मामले पर भारत के खिलाफ बयानबाजी में संयम बरतने और तनाव कम करने को लेकर चर्चा की। व्हाइट हाउस ने कहा, खान के साथ बातचीत के दौरान, ट्रंप ने दोनों पक्षों के तनाव बढ़ाने से बचने और संयम बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया।उसने कहा, दोनों नेताओं ने अमेरिका-पाकिस्तान आर्थिक एवं व्यापार सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम करने पर भी सहमति जताई।