अमेरिका ने हिजबुल मुजाहिदीन को घोषित किया अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन

वॉशिंगटन: अमेरिका ने हिजबुल मुजाहिदीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों की लिस्ट में शामिल किया है. बता दें कि यह कश्मीरी संगठन भारत में कई आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है.

यूएस स्टेट डिपार्टमेंट ने अपनी वेबसाइट पर स्टेटमेंट में यह जानकारी दी.  ‘इमीग्रेशन एंड नेशनेलिटी एक्ट’ के सेक्शन 219 और स्पेशली डेजिगनेटेड ग्लोबल टेरेरिस्ट (SDGT) के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13224 के सेक्शन 1(b) के तहत इसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन घोषित किया है.

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स्टेटमेंट में कहा गया कि अगर अमेरिका में इस संगठन की संपत्ति पाई गई, तो उसे सीज कर दिया जाएगा. इसके अलावा सभी अमेरिकी नागरिकों पर इससे किसी भी तरह का संबंध रखने पर पाबंदी लगाई गई है.

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सैयद सलाहुद्दीन है सरगना
कश्मीर में आतंक का कारोबार करने वाले सैयद सलाहुद्दीन पिछले 26 साल से कश्मीर घाटी में अपना आतंक का नेटवर्क चला रहा है, लेकिन ISI की गोद में बैठे सलाउद्दीन कई सालों से पाकिस्तान में रहकर कश्मीर में आतंक की वारदातों को अंजाम दे रहा है. ‘ग्लोबल टेररिस्ट आर्गेनाइजेशन’ की लिस्ट में सलाहुद्दीन को शामिल करने के पीछे मोदी सरकार, सिक्योरिटी और इंटेलीजेंस एजेंसीज की कूटनीति है.

सैय्यद सलाहुद्दीन एक कश्मीरी है, जो पाकिस्तान से मिली मदद के आधार पर भारत में आतंकी गतिविधियों को संचालित करता है. वो पिछले 27 साल से कश्मीर समेत पूरे भारत में आतंकी गतिविधियों को संचालित करता है और वह एनआईए के मोस्ट वांटेड लिस्ट में भी है.

सैयद सलाहुद्दीन का असली नाम सैयद मुहम्मद यूसूफ शाह है, लेकिन पाकिस्तानी खुफ़िया एजेंसी आईएसआई की सरपरस्ती में 11 नवंबर 1991 में आतंकी संगठन हिज्बुल-मुजाहिद्दीन का सरगना बनने के बाद इसने अपना नाम बदल कर सैयद सलाहुद्दीन रख लिया. हैरानी की बात यह है कि इस आतंकवादी का पूरा परिवार आज भी कश्मीर घाटी में ही रहता है.

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