भारत और अमेरिका के संबंध पर बोले विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो, ‘मोदी है तो मुमकिन है’

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भारत और अमेरिका के संबंध पर बोले विदेश मंत्री, 'मोदी है तो मुमकिन है'

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की तरफ से ‘मोदी है तो मुमकिन है’ का नारा दिया गया था। अब यह नारा अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भी बोलना शुरू कर दिया है। दरअसल, माइक पॉम्पियो ने अमेरिका और भारत के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने को लेकर कही है। उन्होंने हा कि चुनाव के दौरान भारत में एक नारा चला था ‘मोदी है तो मुमकिन है’, दोनों देशों के बीच संबंधों में भी ऐसा हो सकता है।

Us Secretary Of State Said Modi Hai To Mumkin Hai :

इंडिया आइडियाज समिट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि हम आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब मजबूत संबंध स्थापित करना चाहते हैं और राणनीतिक मोर्चे पर काम करना चाहते हैं, जिससे दोनों देशों को फायदा हो। मोदी और ट्रंप प्रशासन के नेतृत्व में हम भविष्य के लिए संभावनाएं देखते हैं।

हिंद प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन की बात इशारों में करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले लोकतंत्र को सबसे पुरानी डेमोक्रेसी से मिलकर साझा विजन पर काम करना चाहिए। साझेदारी, आर्थिक खुलेपन, उदारता और संप्रभुता पर चलते हुए संबंधों को मजबूती देना होगा।

अमेरिकी विदेशी मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के समक्ष अपने संबंधों को बेहतर करने का सुनहरा मौका है। बता दें कि 24 जून से 30 जून तक पॉम्पियो भारत, श्रीलंका, जापाना और दक्षिण कोरिया के दौरे पर होंगे। चीन के अलावा इन देशों की पॉम्पियो की यात्रा से साफ है कि वह क्षेत्र में चीन के मुकाबले शक्ति संतुलन स्थापित करने की अमेरिकी नीति पर अमल करते हुए दौरा करेंगे।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की तरफ से 'मोदी है तो मुमकिन है' का नारा दिया गया था। अब यह नारा अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने भी बोलना शुरू कर दिया है। दरअसल, माइक पॉम्पियो ने अमेरिका और भारत के संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने को लेकर कही है। उन्होंने हा कि चुनाव के दौरान भारत में एक नारा चला था 'मोदी है तो मुमकिन है', दोनों देशों के बीच संबंधों में भी ऐसा हो सकता है। इंडिया आइडियाज समिट कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि हम आगे बढ़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अब मजबूत संबंध स्थापित करना चाहते हैं और राणनीतिक मोर्चे पर काम करना चाहते हैं, जिससे दोनों देशों को फायदा हो। मोदी और ट्रंप प्रशासन के नेतृत्व में हम भविष्य के लिए संभावनाएं देखते हैं। हिंद प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन की बात इशारों में करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाले लोकतंत्र को सबसे पुरानी डेमोक्रेसी से मिलकर साझा विजन पर काम करना चाहिए। साझेदारी, आर्थिक खुलेपन, उदारता और संप्रभुता पर चलते हुए संबंधों को मजबूती देना होगा। अमेरिकी विदेशी मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के समक्ष अपने संबंधों को बेहतर करने का सुनहरा मौका है। बता दें कि 24 जून से 30 जून तक पॉम्पियो भारत, श्रीलंका, जापाना और दक्षिण कोरिया के दौरे पर होंगे। चीन के अलावा इन देशों की पॉम्पियो की यात्रा से साफ है कि वह क्षेत्र में चीन के मुकाबले शक्ति संतुलन स्थापित करने की अमेरिकी नीति पर अमल करते हुए दौरा करेंगे।