Truecaller करते हैं इस्तेमाल तो इन पांच ख़ास फ़ीचर के बारे में जरूर जानें

Truecaller  भारत में एक लोकप्रिय ऐप है। और भारत इस ऐप का सबसे बड़ा बाज़ार भी है। आज हम आपको Truecaller App के उन फ़ीचर के बारे में बताएंगे जो बेहद काम के हैं और आपकी रोजमर्रा की ज़िंदगी को आसान बनाते हैं।

ट्रूकॉलर फ्लैश मैसेजिंग

ट्रूकॉलर 8 एंड्रॉयड ऐप में फ्लैश मैसेजिंग सपोर्ट आया। मान लीजिए कि आप किसी मीटिंग में हैं, या फिर आपातकालीन स्थिति में फंसे हैं। फ्लैश मैसेजिंग की मदद से आप किसी भी ट्रूकॉलर यूज़र को पहले से लिखे मैसेज झट से भेज सकते हैं। इसके अलावा ट्रूकॉलर यूज़र उन्हें अपनी लोकेशन के अलावा इमोजी भी भेज सकते हैं।

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ट्रूकॉलर कॉल मी बैक

ट्रूकॉलर के ‘कॉल मी बैक’ फ़ीचर की बात करें तो इसे पिछले साल के आखिर में पेश किया गया था। इसकी मदद से आप जब भी किसी शख्स को कॉल करते हैं और वह किसी वजह से कॉल नहीं उठाता है तो आपको दो विकल्प मिलते हैं। इनमें से एक है, उस शख्स को ‘कॉल बैक’ करने का नोटिफिकेशन और दूसरा ‘कॉल अगेन’। इस फ़ीचर से आम यूज़र को तो मदद मिलती ही है वहीं ई-कॉमर्स कंपनियों को डिलिवरी करने में भी आसानी रहती है।

ट्रूकॉलर कॉल हिस्ट्री और इनबिल्ट डायलर

स्मार्ट कॉल हिस्ट्री फीचर से ट्रूकॉलर में कॉल हिस्ट्री में अनजान नंबर की जगह उनके वास्तविक नाम और चेहरे (उपलब्ध होने पर) दिखाता है, अगर आपके कॉन्टेक्ट में उनका नंबर सेव नहीं हो तब भी। इसके अलावा लाइव कॉलर आईडी के जरिए कॉल करने से पहले ही यह पता लग जाता है कि उस समय आपका कॉन्टेक्ट बात करने के लिए उपलब्ध है या नहीं।

ट्रूकॉलर पे

ट्रूकॉलर पे में आप वर्चुअल पेमेंट एड्रेस बना सकते हैं। जिसका इस्तेमाल किसी भी यूपीआई आधारित ट्रांजेक्शन के लिए किया जा सकता है। अगर आपका बैंक यूपीआई को सपोर्ट करता है तो आप ट्रूकॉलर पे के ज़रिए पैसे भेज या रिसीव कर पाएंगे। आप इस वॉलेट से पेटीएम की तरह अलग-अलग किस्म के रीचार्ज कर पाएंगें, या टाटा स्काय अकाउंट को रीचार्ज कर सकेंगे। यूज़र चाहें तो ट्रूकॉलर पे के ज़रिए प्रीपेड का रीचार्ज और पोस्टपेड बिल का भुगतान कर पाएंगे।

ट्रूकॉलर आईडी

ट्रूकॉलर ने मार्च में भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एयरटेल के साथ साझेदारी का ऐलान किया था। साझेदारी के बाद एयरटेल नेटवर्क पर चल रहे फ़ीचर फोन में भी ट्रूकॉलर का कॉलर आईडी काम करने की बात कही गई थी। और इसके लिए डेटा की भी ज़रूरत नहीं पड़ती। कंपनी के मुताबिक, कॉलर की ट्रूकॉलर के डेटाबेस से पहचान की जाती है। और इस जानकारी को एयरटेल ग्राहकों को फोन पर कॉल आने से पहले फ्लैश एसएमएस के ज़रिए भेजा जाता है।