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उत्तर प्रदेश: राजधानी को मिलेगी छुट्टा पशुओं से निजात, बनेंगे इतने संरक्षण केंद्र

यूपी विधानसभा 2022 के चुनाव में छुट्टा पशुओं का मामला एक बड़ा मुद्दा बन गया था। अब यूपी की सत्ता में दोबारा चुन कर लौटे योगी आदित्यनाथ इसके लिए कड़ा फैसला लेने जा रहे हैं। निराश्रित और बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए राजधानी में दर्जन भर वृहद गौ संरक्षण केन्द्रों का निर्माण होगा।

By प्रिन्स राज 
Updated Date

लखनऊ। यूपी विधानसभा 2022 के चुनाव में छुट्टा पशुओं का मामला एक बड़ा मुद्दा बन गया था। अब यूपी की सत्ता में दोबारा चुन कर लौटे योगी आदित्यनाथ इसके लिए कड़ा फैसला लेने जा रहे हैं। निराश्रित और बेसहारा गोवंश के संरक्षण के लिए राजधानी में दर्जन भर वृहद गौ संरक्षण केन्द्रों का निर्माण होगा। यह गौ संरक्षण केन्द्र स्थाई होंगे। इनमें गोवंश के खाने, पीने, इलाज व बिजली समेत अन्य सुविधाएं मुहैया होंगी।

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\एक गौ संरक्षण केन्द्र के निर्माण के लिए 1.20 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है। गौ संरक्षण केन्द्र गांवों में बने अस्थाई गौ आश्रय स्थल की तरह नहीं होंगे। यह केन्द्र 10 हजार वर्ग मीटर तक के क्षेत्रफल में बनेंगे। इनमें चार टीन शेड बनाए जाएंगे। जिनमें 250 पशुओं के आराम से रहने और खाने का इंतजाम होगा। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ डीके शर्मा बताते हैं कि शेड 20 से 22 मीटर लम्बे व 6.5 से आठ मीटर तक चौड़े होंगे। गौ संरक्षण केन्द्र में एक पशु औषधालय बनेगा। जोकि एक मिनी अस्पताल की तरह होगा। वहीं एक केयर टेकर कक्ष भी बनेगा।

सीवीओ बताते हैं कि केन्द्र के चारो ओर गहरी खाई खोदी जाएगी। वहीं मनरेगा से फेंसिंग का इंतजाम होगा। वृहद गौ संरक्षण केन्द्र में गोवंश के खाने और पानी का खास ध्यान रखा गया है। खाना यानी भूसा व हरा चारा के स्टोर के लिए पक्का गोदाम बनेगा। वहीं पानी के लिए सब्मरसेबिल लगेगा और चारों शेड की चरही तक पाइप लाइन द्वारा पानी पहुंचाया जाएगा। जिससे गोवंश को साफ पानी पीने को मिलेगा। रोशनी के लिए केन्द्रों में चारो ओर सोलर लाइट भी लगाई जाएंगी। सीवीओ डॉ डीके शर्मा बताते हैं कि गौ संरक्षण केन्द्र के लिए सभी गांवों में जमीन मिल गई है। चार गांवों में निर्माण शुरू हुआ है। जमोलिया में जमीन को लेकर विवाद है।

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