उत्तर प्रदेश: प्रियंका पर निशाना साधने वाली कांग्रेस विधायक अदिति सिंह पार्टी से निलंबित

aditi singh
अदिति सिंह का कांग्रेस से मोहभंग, Twitter हैंडल बदलने के बाद, WhatsApp group भी छोड़ा

लखनऊ। श्रमिकों के लिए बस विवाद में रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने अपनी ही पार्टी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा था। इसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधि करने का आरोप है। इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। बता दें कि उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर कहा था कि आपदा के समय इस तरह की निम्नस्तरीय राजनीति उचित नहीं है। उस समय ये बसें कहां थीं जब  कोटा में यूपी के विद्यार्थी फंसे थे। आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत है।

Uttar Pradesh Congress Mla Aditi Singh Targeting Priyanka Suspended From Party :

एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा है। 297 कबाड़ बसें, 98 ऑटो रिक्शा व एबुंलेंस जैसी गाड़ियां और 68 वाहन बिना कागजात के, ये कैसा क्रूर मजाक है। अगर बसें थीं तो राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र में क्यों नहीं लगाईं। कोटा में जब यूपी के हजारों बच्चे फंसे थे, तब कहां थीं ये बसें। कांग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बार्डर तक न छोड़ पाई। तब सीएम योगी आदित्यनाथ  ने रातोंरात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुंचाया। खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी।

अदिति ने कहा कि योगी सरकार दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। अदिति पिछले काफी समय से पार्टी लाइन के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए हुए हैं। इससे पहले वे पार्टी के निर्णय के विपरीत विधानसभा के विशेष सत्र में भी हिस्सा ले चुकी हैं। इसके लिए उन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था।

लखनऊ। श्रमिकों के लिए बस विवाद में रायबरेली सदर से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने अपनी ही पार्टी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा था। इसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधि करने का आरोप है। इसके साथ ही उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। बता दें कि उन्होंने बुधवार को ट्वीट कर कहा था कि आपदा के समय इस तरह की निम्नस्तरीय राजनीति उचित नहीं है। उस समय ये बसें कहां थीं जब  कोटा में यूपी के विद्यार्थी फंसे थे। आपदा के वक्त ऐसी निम्न सियासत की क्या जरूरत है। एक हजार बसों की सूची भेजी, उसमें भी आधी से ज्यादा बसों का फर्जीवाड़ा है। 297 कबाड़ बसें, 98 ऑटो रिक्शा व एबुंलेंस जैसी गाड़ियां और 68 वाहन बिना कागजात के, ये कैसा क्रूर मजाक है। अगर बसें थीं तो राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र में क्यों नहीं लगाईं। कोटा में जब यूपी के हजारों बच्चे फंसे थे, तब कहां थीं ये बसें। कांग्रेस सरकार इन बच्चों को घर तक तो छोड़िए, बार्डर तक न छोड़ पाई। तब सीएम योगी आदित्यनाथ  ने रातोंरात बसें लगाकर इन बच्चों को घर पहुंचाया। खुद राजस्थान के सीएम ने भी इसकी तारीफ की थी। अदिति ने कहा कि योगी सरकार दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। अदिति पिछले काफी समय से पार्टी लाइन के खिलाफ बगावती तेवर अपनाए हुए हैं। इससे पहले वे पार्टी के निर्णय के विपरीत विधानसभा के विशेष सत्र में भी हिस्सा ले चुकी हैं। इसके लिए उन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था।