यूपी के पूर्व DGP के खिलाफ केस दर्ज, जमीन हथियाने का लगा आरोप

dgp jagmohan

लखनऊ। यूपी के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) रहे जगमोहन यादव (Jagmohan Yadav) पर जमीन कब्जाने के आरोप में एफआइआर दर्ज कराने का मामला सामने आ रहा है। इसके साथ इस मामले में 60-65 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

Uttar Pradesh Fir Registered On Former Dgp In Fraud Case Jagmohan Yadav Ips Land Grabbing :

जगमोहन यादव अखिलेश यादव के कार्यकाल में यूपी के डीजीपी रहे थे। पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव के साथ सहित 60-65 अज्ञात लोगों के खिलाफ लखनऊ के गोसाईंगज थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह एफआईआर गोसाईगंज पुलिस स्टेशन में पूर्व केंद्रीय मंत्री बलराम यादव के बेटे विजय यादव ने दर्ज कराई है। पहले भी हो चुका हैं पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव पर एफ़आईआर

1983 बैच के आइपीएस जगमोहन यादव साल 2015 में अखिलेश सरकार में डीजीपी नियुक्त हुए थे। उनके मात्र 6 माह के कार्यकाल में अपने बयानों और कामों को लेकर वे काफी विवादों में फंसे थे। अपने कार्यकाल में उनपर अवैध वसूली से लेकर भूमि कब्जाने के कई गंभीर आरोप लगे थे। साल 2017 में लखनऊ से आवास विकास की जमीन कब्जाने का मामला सामने आया था जिसमें भू माफियाओं की सूची में जगमोहन का भी नाम आया था, इस मामले में पूर्व डीजीपी पर गोसाईगंज थाने में एफआइआर भी दर्ज हुई थी।

साल 2017 में नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन ने जगमोहन यादव के खिलाफ अवैध वसूली मामले में जांच के लिए सीबीआई आदेश दिया था, जगमोहन पर आरोप था कि साल 2015 में जगमोहन यादव ने श्याम वनस्पति ऑयल लिमिटेड में छापा मारा था और पैसे की मांग कर रहे थे। अवैध वसूली के मामले में ह्यूमन राइट कमीशन में शिकायतकर्ता प्रत्यूष ने शिकायत की थी।

नोएडा प्राधिकरण के चर्चित चीफ इंजीनियर यादव सिंह मामले में भी जगमोहन यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। 954 करोड़ रुपये के घोटाले में उस समय सीबीसीआइडी के मुखिया रहे जगमोहन ने क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद हुई सीबीआई जांच में जब सच सामने आया तो सबके होश उड़ गए।

यह बोले पूर्व डीजीपी

इसी मामले में आज पूर्व डीजीपी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं जगमोहन यादव का कहना है कि राजस्‍व विभाग ने जमीन को पैमाइश करके दी थी। बीते आठ साल से मुझे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।

लखनऊ। यूपी के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) रहे जगमोहन यादव (Jagmohan Yadav) पर जमीन कब्जाने के आरोप में एफआइआर दर्ज कराने का मामला सामने आ रहा है। इसके साथ इस मामले में 60-65 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है। जगमोहन यादव अखिलेश यादव के कार्यकाल में यूपी के डीजीपी रहे थे। पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव के साथ सहित 60-65 अज्ञात लोगों के खिलाफ लखनऊ के गोसाईंगज थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह एफआईआर गोसाईगंज पुलिस स्टेशन में पूर्व केंद्रीय मंत्री बलराम यादव के बेटे विजय यादव ने दर्ज कराई है। पहले भी हो चुका हैं पूर्व डीजीपी जगमोहन यादव पर एफ़आईआर 1983 बैच के आइपीएस जगमोहन यादव साल 2015 में अखिलेश सरकार में डीजीपी नियुक्त हुए थे। उनके मात्र 6 माह के कार्यकाल में अपने बयानों और कामों को लेकर वे काफी विवादों में फंसे थे। अपने कार्यकाल में उनपर अवैध वसूली से लेकर भूमि कब्जाने के कई गंभीर आरोप लगे थे। साल 2017 में लखनऊ से आवास विकास की जमीन कब्जाने का मामला सामने आया था जिसमें भू माफियाओं की सूची में जगमोहन का भी नाम आया था, इस मामले में पूर्व डीजीपी पर गोसाईगंज थाने में एफआइआर भी दर्ज हुई थी। साल 2017 में नेशनल ह्यूमन राइट कमीशन ने जगमोहन यादव के खिलाफ अवैध वसूली मामले में जांच के लिए सीबीआई आदेश दिया था, जगमोहन पर आरोप था कि साल 2015 में जगमोहन यादव ने श्याम वनस्पति ऑयल लिमिटेड में छापा मारा था और पैसे की मांग कर रहे थे। अवैध वसूली के मामले में ह्यूमन राइट कमीशन में शिकायतकर्ता प्रत्यूष ने शिकायत की थी। नोएडा प्राधिकरण के चर्चित चीफ इंजीनियर यादव सिंह मामले में भी जगमोहन यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। 954 करोड़ रुपये के घोटाले में उस समय सीबीसीआइडी के मुखिया रहे जगमोहन ने क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद हुई सीबीआई जांच में जब सच सामने आया तो सबके होश उड़ गए। यह बोले पूर्व डीजीपी इसी मामले में आज पूर्व डीजीपी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं जगमोहन यादव का कहना है कि राजस्‍व विभाग ने जमीन को पैमाइश करके दी थी। बीते आठ साल से मुझे लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।